AI वीडियो विवाद में घिरे भूपेश बघेल: आपत्तिजनक क्लिप वायरल, FIR दर्ज; साइबर जांच तेज

फर्जी AI वीडियो से मचा राजनीतिक बवाल, 8 थानों में शिकायत

AI वीडियो विवाद में घिरे भूपेश बघेल: आपत्तिजनक क्लिप वायरल, FIR दर्ज; साइबर जांच तेज

*दुर्ग-भिलाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़ा एक कथित AI जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। वीडियो में उन्हें पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया के साथ दिखाया गया है, जिसे कांग्रेस ने फर्जी और आपत्तिजनक बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।*

 

दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े एक कथित AI जनरेटेड वीडियो का है, जिसे लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

बताया जा रहा है कि वीडियो में सौम्या चौरसिया के साथ आपत्तिजनक दृश्य दिखाए गए हैं। वीडियो के वायरल होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसे साजिश करार देते हुए कार्रवाई की मांग की।

मामले में भिलाई नगर थाना क्षेत्र सहित जिले के करीब 8 थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने इसे छवि खराब करने की साजिश बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर संबंधित इंस्टाग्राम आईडी होल्डर के खिलाफ BNS की धारा 353(2) के तहत FIR दर्ज कर ली है। जिन अकाउंट्स—‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़’—से वीडियो पोस्ट किया गया था, उन्हें प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।

इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी विजय अग्रवाल से मुलाकात कर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। इसके बाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों—जामुल, कुम्हारी, भिलाई-3, धमधा, अंडा, नंदिनी नगर, जामगांव और रानीतराई—में भी शिकायतें दर्ज कराई गईं।

पुलिस की साइबर टीम अब वीडियो की तकनीकी जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किस प्लेटफॉर्म या सॉफ्टवेयर से तैयार किया गया और सबसे पहले इसे किसने अपलोड किया।

इधर, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने भी इस पूरे मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे गंभीर और संवेदनशील बताते हुए पुलिस को जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि AI तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की छवि धूमिल करना, विशेषकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक सामग्री बनाना, कानूनन गंभीर अपराध है और इसमें सख्त सजा का प्रावधान है।