आज नक्सल मुक्त बस्तर की होगी अनोखी शादी… नया जीवन, नई शुरुआत, CM साय देंगे आशीर्वाद
नारायणपुर जिले में आज एक ऐसा दृश्य साकार होने जा रहा है, जो केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि नक्सल मुक्त बस्तर की जीवंत तस्वीर बनकर इतिहास में दर्ज होगा।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में आज एक ऐसा दृश्य साकार होने जा रहा है, जो केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि नक्सल मुक्त बस्तर की जीवंत तस्वीर बनकर इतिहास में दर्ज होगा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आत्मसमर्पित चार नक्सली जोड़ों का सामूहिक विवाह आज संपन्न होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होकर नवदंपतियों को आशीर्वाद देंगे।
इन चारों जोड़ों ने कभी नक्सली संगठन में PPCM, DVCM, ACM और PM जैसे अहम पदों पर रहते हुए जंगलों में हिंसा और भय का जीवन जिया। वर्षों तक संघर्ष और भटकाव के रास्ते पर चलने के बाद सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति और भारत सरकार के नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया।
Surrendered Naxalites marriage: विवाह बंधन में बंधने वाले जोड़ों में -
रंजित (PPCM) – कोशी (PPCM), सुखलाल (DVCM) – कमला गोटा (ACM), मासो मांडवी (PCCM) – रीता कवासी (PM) और सनी राम (ACM) – सुशीला (PM) शामिल हैं। सभी जोड़े हिंसा का रास्ता छोड़कर अब शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ चुके हैं।
इनके जीवन में कभी ढोल-नगाड़े, मंगल गीत या परिवार का साथ नहीं रहा, लेकिन आज पहली बार सरकार स्वयं अभिभावक बनकर इनके सपनों को साकार कर रही है। मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और समाज की स्वीकृति इस बात का प्रतीक है कि लौटने वालों के लिए दरवाज़े हमेशा खुले हैं।
यह आयोजन सिर्फ दो लोगों के मिलन का नहीं, बल्कि हिंसा से विश्वास की ओर बढ़ते बस्तर की मजबूत घोषणा है। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे आत्मसमर्पण यह साबित करते हैं कि सरकार केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सम्मान, रोज़गार और भविष्य भी दे रही है। यह सामूहिक विवाह उन भटके युवाओं के लिए संदेश है- हिंसा नहीं, जीवन चुनो… सरकार तुम्हारे साथ है।
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