कलेक्टर हो तो ऐसा, बरसते पानी में जंगल, नदी पार कर पहुंचे गांववालों के बीच, समस्या सुन लिया बड़ा एक्शन
सुकमा कलेक्टर ने बरसते पानी के बीच ग्रामीणों की समस्या सुन तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर अमित कुमार और पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर नदी जंगल पार कर गांवों के बीच पहुंचे..
सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने की पहल के तहत सुकमा कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने जिले के सुदूर वनांचल स्थित गुमोड़ी, कोंडासावली और तारलागुड़ा गांवों का सघन दौरा किया। दो नदियों को पार कर पहुंचे अधिकारियों ने बिना किसी औपचारिकता के ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर जनचौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं।
बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों में निराकण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया, वहीं बिजली, वनाधिकार पट्टा, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बारिश के बीच भी अधिकारियों का दौरा जारी रहा और ग्रामीणों से किए गए वादों ने प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत किया। बता दें कि 2019 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के अधिकारी अमित कुमार ने दिसंबर 2025 में सुकमा जिले के कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला है। वहीं अपने कार्यकाल के दौरान लगातार लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैंं।
ग्रामीण से लगवाया ‘108’ पर फोन
उपस्वास्थ्य केंद्र कोंडासावली के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की मांग पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में पर्दे, पेवर ब्लॉक रैंप, योगा शेड और सोकपीट निर्माण के निर्देश भी दिए। तारलागुड़ा में नवनिर्मित सुशासन परिसर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों की जागरूकता परखने के लिए एक ग्रामीण से स्वयं ‘108’ एंबुलेंस सेवा पर कॉल करवाया। कॉल रिस्पॉन्स मिलने के बाद उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।
इमली की छांव तले लगी जनचौपाल, गांव में राजस्व शिविर लगाने कहा
दौरे का पहला पड़ाव गुमोड़ी पंचायत रहा, जहां इमली के पेड़ की छांव में जनचौपाल आयोजित की गई। कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता भुगतान, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ग्रामीणों से ली। जमीन के दस्तावेज गुम होने की शिकायत पर उन्होंने विशेष राजस्व शिविर लगाकर नए दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए। गांव में बिजली, सडक़ और पुलिया निर्माण का भरोसा भी दिलाया। इसके बाद प्राथमिक शाला का निरीक्षण कर बच्चों से पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। बच्चों द्वारा गिनती और एबीसीडी सुनाने पर प्रसन्न होकर स्कूल परिसर में पेवर ब्लॉक, बाउंड्रीवाल और नए रसोईघर के निर्माण की स्वीकृति मौके पर ही दे दी।
‘सुशासन फाइलों में नहीं गांव की चौपाल में दिखना चाहिए’
दौरे के समापन तक लगातार बारिश होती रही, लेकिन अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच संवाद जारी रहा। कलेक्टर अमित कुमार ने भरोसा दिलाया कि सुशासन परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद वे दोबारा गांवों का दौरा करेंगे और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। उनका यह दौरा नक्सल प्रभावित वनांचल में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया।
पीएम आवास की राशि रुकी मिली, मौके पर हटवाया बैंक होल्ड
तारलागुड़ा में पीएम आवास योजना के दो हितग्राहियों ने खाते में राशि नहीं आने की शिकायत की। मौके पर जांच कराने पर बैंक खाते में तकनीकी होल्ड की जानकारी मिली। कलेक्टर ने संबंधित सचिव को तत्काल होल्ड हटवाने के निर्देश दिए, जिससे हितग्राहियों को आवास निर्माण की राशि मिलने का रास्ता साफ हो गया। इस बीच बारिश के दौरान भी अधिकारियों का दौरा जारी रहा ।
बारिश में भी नहीं रुकी चौपाल का सिलसिला
कोंडासावली गांव में आम के पेड़ के नीचे आयोजित चौपाल के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन संवाद का सिलसिला नहीं रुका। कलेक्टर छाता लेकर ग्रामीणों के बीच खड़े रहे और उनकी समस्याएं सुनते रहे। बिजली कनेक्शन से जुड़ी शिकायत पर अधिकारियों को तीन दिन के भीतर समस्या दूर करने के निर्देश दिए। वहीं पात्र ग्रामीणों को 45 दिन के भीतर विशेष शिविर लगाकर नए वनाधिकार पट्टे वितरित करने का भरोसा दिलाया।
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