जौनपुर में बैठकर रायपुर पहुंचा रहा था नशीली दवाओं की खेप, 23 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

गढ़ही तालाब के पास पकड़े गए दो युवकों से पूछताछ के बाद खुला सप्लाई चैन, मोबाइल से नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

जौनपुर में बैठकर रायपुर पहुंचा रहा था नशीली दवाओं की खेप, 23 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। रायपुर में नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई के मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश के जौनपुर तक पहुंच गई है। डीडी नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जौनपुर निवासी ऋषभ सोनकर (23) को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर उसकी पहचान नशीली दवाओं के सप्लायर के रूप में हुई थी। आरोपी जौनपुर में रहकर रायपुर तक नशीली दवाओं की आपूर्ति कर रहा था।

ऋषभ न्यू कॉलोनी हुसैन बाग, थाना लाइन बाजार, जिला जौनपुर का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। मोबाइल में मिले संपर्कों और बातचीत की जांच की जा रही है, ताकि सप्लाई नेटवर्क की अगली कड़ी का पता लगाया जा सके।

जुलाई में हुई थी पहली बड़ी कार्रवाई

27 जुलाई 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और डीडी नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने रायपुरा के गढ़ही तालाब के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की थी। यहां से पुलिस ने छन्नू वर्मा और राहुल देव सारवा को पकड़ा था।

दोनों के पास से 52 नग कोडिस्टार एंड एनएफ सिरप और 75 नग स्पास्मो एंड प्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल बरामद हुए थे। बरामद दवाओं को लेकर पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने यह पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया कि इन दवाओं की आपूर्ति कहां से हो रही थी।

पूछताछ ने पहुंचाया जौनपुर तक

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को ऋषभ सोनकर के बारे में पता चला। तकनीकी साक्ष्यों के साथ जानकारी का मिलान करने के बाद पुलिस टीम ने जौनपुर में उसकी तलाश शुरू की। वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।

अब पुलिस ऋषभ से यह जानकारी जुटा रही है कि वह नशीली दवाएं किस माध्यम से हासिल करता था। इसके अलावा रायपुर में उसकी खेप किन लोगों तक पहुंचती थी और इस पूरे कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

मोबाइल जांच से खुल सकते हैं कई राज

पुलिस ने ऋषभ का मोबाइल जब्त कर लिया है। इसमें दर्ज नंबरों, बातचीत और अन्य डिजिटल जानकारी के आधार पर सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरफ्तार आरोपी अकेले इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद नशीली दवाओं की सप्लाई से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।