निकाय चुनाव से पहले वार्डों में बढ़ी नेताओं की सक्रियता, प्रशासन भी अलर्ट

भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल में दिसंबर में चुनाव प्रस्तावित; कल्याण कॉलेज में मतदान सामग्री वितरण से लेकर मतगणना तक की व्यवस्था

निकाय चुनाव से पहले वार्डों में बढ़ी नेताओं की सक्रियता, प्रशासन भी अलर्ट

 नगरीय निकाय चुनाव की आहट के साथ दुर्ग जिले के चार निकायों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वार्डों में पार्षदों की सक्रियता बढ़ी है तो प्रमुख दलों ने संभावित उम्मीदवारों की तलाश और संगठनात्मक बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। इस बीच प्रशासन ने भी चुनाव प्रबंधन की तैयारियां आगे बढ़ा दी हैं। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख 30 नवंबर प्रस्तावित है, जबकि चुनाव दिसंबर 2026 में कराए जाने की तैयारी है।

दुर्ग-भिलाई। भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगम के साथ जामुल नगर पालिका में प्रस्तावित चुनाव को देखते हुए जिला प्रशासन और राजनीतिक दलों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भिलाई नगर निगम में मतदान से लेकर मतगणना तक की व्यवस्थाओं के लिए कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेक्टर-7 को प्रमुख केंद्र बनाया गया है।

निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, महापौर और पार्षद पदों के लिए नाम निर्देशन पत्र भिलाई निगम के महापौर कार्यालय में जमा किए जाएंगे। मतदान सामग्री का वितरण, मतदान दलों की रवानगी और मतदान के बाद उनकी वापसी इसी कॉलेज परिसर से होगी। मतगणना भी यहीं कराई जाएगी। इससे चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के संचालन के लिए एक प्रमुख केंद्र उपलब्ध रहेगा।

मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की कवायद

राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय चुनावों के लिए निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर को प्रस्तावित है। इसके पहले पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और सूची में दर्ज त्रुटियों को सुधारने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बीएलओ और पर्यवेक्षकों को मतदाता सूची तैयार करने, नए मतदाताओं का पंजीयन करने और दावा-आपत्ति संबंधी कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया है। दुर्ग जिले में बीएलओ का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशासन आगामी प्रक्रियाओं की तैयारी कर रहा है। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को सूची में शामिल करना भी अभियान का अहम हिस्सा है।

टिकट की दौड़ और जनसंपर्क ने पकड़ी रफ्तार

चुनाव की तैयारियों के बीच वार्डों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्षद अपने क्षेत्रों में जाकर अब तक कराए गए विकास कार्यों का ब्योरा दे रहे हैं। कुछ जनप्रतिनिधि सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा कर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं।

प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता भी अलग-अलग निकायों में बैठकें कर संगठन की स्थिति और चुनावी रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। वार्डवार समितियों के गठन के जरिए संभावित प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। ऐसे में टिकट के दावेदारों की गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं।

प्रशासन के सामने मतदाता सूची के पुनरीक्षण से लेकर मतदान और मतगणना की व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने की जिम्मेदारी है। दूसरी ओर, राजनीतिक दल वार्डों में अपनी स्थिति मजबूत करने और उपयुक्त उम्मीदवारों के चयन की तैयारी में जुटे हैं।