नेपाल में फिर बिगड़े हालात, 7 जिलों में बाढ़ का अलर्ट
तिब्बत ग्लेशियर हादसे के बाद तबाही जारी; नेपाल-तिब्बत में 1000 से ज्यादा मौतें, चितवन में सबसे अधिक 321 शव मिले
काठमांडू (ए)। तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहे नेपाल में अब एक बार फिर नदियां उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद सरकार ने 7 जिलों में बाढ़ की नई चेतावनी जारी की है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन में नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। इस बीच आपदा में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1000 के पार पहुंच गया है।
26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। अब तक नेपाल में 987 और तिब्बत में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। चितवन में सबसे ज्यादा 321 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 4400 से ज्यादा लोगों के लापता होने की सूचना है।
मॉर्चरी में जगह नहीं बची, अज्ञात शव सामूहिक कब्रों में दफन
भारी संख्या में शव मिलने से चितवन में मॉर्चरी की क्षमता पर दबाव बढ़ गया है। लंबे समय तक शवों को रखने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अज्ञात शवों के सामूहिक दफन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, शवों की पहचान के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक शव को एक अलग पहचान संख्या दी जा रही है, ताकि भविष्य में डीएनए जांच या अन्य माध्यमों से पहचान होने पर परिजन तक शव की जानकारी पहुंचाई जा सके।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। वहीं, नदियों का बढ़ता जलस्तर नई चुनौती बन गया है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे रहा है।
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