भारत–यूरोपियन यूनियन के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील
18 साल बाद बनी सहमति, लग्जरी कारों और प्रीमियम शराब पर टैक्स में बड़ी कटौती
नई दिल्ली (ए)। भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल से चली आ रही बातचीत आखिरकार सफल हो गई है। मंगलवार को 16वें भारत–EU शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति की घोषणा की। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत में यूरोप से आयात होने वाली लग्जरी कारों और प्रीमियम शराब पर लगने वाले भारी टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी।
2027 से लागू होने की संभावना
इस व्यापार समझौते को वर्ष 2027 तक लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। समझौते के तहत दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को आसान बनाने, निवेश बढ़ाने और शुल्क बाधाओं को कम करने पर जोर दिया गया है।
लग्जरी कारों पर टैक्स 110% से घटकर 10%
FTA के लागू होने के बाद यूरोप से आयात की जाने वाली लग्जरी कारों पर लगने वाला आयात शुल्क बड़ी मात्रा में घटेगा। वर्तमान में BMW, मर्सिडीज जैसी यूरोपीय कारों पर भारत में करीब 110% तक टैरिफ लगता है, जिसे घटाकर लगभग 10% किए जाने का प्रावधान रखा गया है।
प्रीमियम शराब और वाइन भी होंगी सस्ती
समझौते के तहत यूरोपीय देशों से आने वाली शराब और वाइन पर भी टैक्स में बड़ी कटौती की जाएगी। अभी इन उत्पादों पर करीब 150% तक आयात शुल्क लगता है, जिसे घटाकर 20 से 30% के बीच लाने की तैयारी है। इससे भारत में प्रीमियम शराब के दाम कम हो सकते हैं।
शिखर सम्मेलन में हुई घोषणा
नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि यूरोपियन यूनियन दूसरी सबसे बड़ी। दोनों मिलकर वैश्विक GDP का करीब 25% और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेड डील वैश्विक व्यापार संतुलन और निवेश प्रवाह को नई दिशा दे सकती है।
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