लोयोला स्कूल को हाईकोर्ट से झटका, ₹19.75 लाख संपत्ति कर वसूली पर लगी मुहर

नगर निगम का टैक्स नोटिस वैध करार, आयकर छूट के दावे को अदालत ने किया खारिज; अलग संस्था का प्रमाणपत्र मान्य नहीं

लोयोला स्कूल को हाईकोर्ट से झटका, ₹19.75 लाख संपत्ति कर वसूली पर लगी मुहर

बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम की ओर से जारी ₹19.75 लाख के संपत्ति कर नोटिस को चुनौती देने वाले लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने नगर निगम की कार्रवाई को वैध ठहराते हुए स्कूल प्रबंधन की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी अन्य संस्था के नाम पर जारी आयकर छूट प्रमाणपत्र का लाभ अलग संस्था नहीं ले सकती।

बिलासपुर स्थित लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल को संपत्ति कर मामले में हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने नगर निगम द्वारा जारी ₹19 लाख 75 हजार 745 के संपत्ति कर डिमांड नोटिस को वैध ठहराते हुए स्कूल प्रबंधन की याचिका निरस्त कर दी है। इस फैसले के बाद नगर निगम के लिए बकाया संपत्ति कर की वसूली का रास्ता साफ हो गया है।

मामला सरकंडा क्षेत्र के राजकिशोर नगर चौक स्थित राजीव विहार के पास संचालित लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल से जुड़ा है। स्कूल का संचालन मध्य प्रदेश जेसुइट्स नामक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। नगर निगम के जोन क्रमांक-7 ने वर्ष 2021 में संपत्ति कर बकाया होने पर स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर निर्धारित राशि जमा करने के निर्देश दिए थे।

स्कूल प्रबंधन ने इस नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए तर्क दिया कि वह एक शैक्षणिक एवं चैरिटेबल संस्था है और छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1961 की धारा 136(सी) तथा आयकर अधिनियम की धारा 12(ए) के तहत संपत्ति कर से छूट का पात्र है।

सुनवाई के दौरान स्कूल प्रबंधन ने वर्ष 1974 में जारी आयकर छूट का प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया। हालांकि नगर निगम की ओर से यह आपत्ति उठाई गई कि उक्त प्रमाणपत्र बिलासपुर स्थित स्कूल के नाम पर नहीं, बल्कि कुनकुरी स्थित मध्य प्रदेश जेसुइट्स संस्था के नाम पर जारी किया गया था।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि कुनकुरी की संस्था और बिलासपुर स्थित लोयोला स्कूल अलग-अलग इकाइयां हैं। इसलिए बिलासपुर का स्कूल किसी अन्य संस्था के नाम पर जारी आयकर छूट प्रमाणपत्र का लाभ नहीं ले सकता। अदालत ने यह भी कहा कि स्कूल अपने नाम से धारा 12(ए) के तहत वैध पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका।

हाईकोर्ट ने नगर निगम की टैक्स वसूली की कार्रवाई को विधिसम्मत मानते हुए स्कूल प्रबंधन की याचिका खारिज कर दी। फैसले के बाद अब बिलासपुर नगर निगम स्कूल से ₹19.75 लाख का बकाया संपत्ति कर वसूलने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा।