"शिव का परिवार ही सच्चा परिवार है" — निकुम में शिव कथा के पहले दिन बोले पं. प्रदीप मिश्रा

शिव महापुराण कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, प्रदीप मिश्रा जी ने जीवन सफल बनाने के बताए चार महत्वपूर्ण कार्य

"शिव का परिवार ही सच्चा परिवार है" — निकुम में शिव कथा के पहले दिन बोले पं. प्रदीप मिश्रा

दुर्ग जिले के निकुम गांव में चल रही शिव महापुराण कथा के पहले दिन अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने भावुकता से भरा संदेश देते हुए कहा कि "यदि इस संसार में कोई सच्चा परिवार है, तो वह शिव का परिवार है।" कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालु उमड़े, जिन्होंने भक्ति, सेवा और परमार्थ की प्रेरणा के साथ शिव सन्देश को आत्मसात किया।

दुर्ग।  निकुम गांव में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के प्रथम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने शिव परिवार की व्याख्या करते हुए कहा, “शिव का परिवार केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि आदर्श जीवन पद्धति का उदाहरण है।”

उन्होंने गणेश जी को बुद्धि, कार्तिकेय को वीरता, माता पार्वती को शक्ति और स्वयं शिव को कल्याण व त्याग का प्रतीक बताते हुए श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या देवी, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, एवं पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी कथा श्रवण हेतु उपस्थित रहे।

चार कार्य जो जीवन को सफल बनाते हैं — प्रदीप मिश्रा जी की शिक्षा:

परमार्थ: जरूरतमंदों का उपचार कराएं, शिक्षा दें।

प्रकृति ऋण चुकाएं: वृक्षारोपण कर पृथ्वी का कर्ज चुकाएं।

कन्यादान करें: किसी एक बेटी के जीवन को संवारना भी पुण्य है।

शिवालय सेवा करें: किसी एक शिव मंदिर में तन, मन या धन से सेवा करें।

पं. मिश्रा जी ने कहा: “यदि मनुष्य इन चार कामों को जीवन में अपना ले, तो उसका जीवन सार्थक और शिवमय हो जाएगा।”

 श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और व्यवस्था की प्रशंसा:
गुरुवार को कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभाला और व्यवस्था को नियंत्रित किया। आयोजन समिति की व्यवस्था और श्रद्धा का भाव, दोनों ही सराहनीय रहे।

प्रदीप मिश्रा जी के कथाओं की विशेषताएँ:

  • सरल और भावनात्मक भाषा
  • आधुनिक समस्याओं का धार्मिक समाधान
  • शिव भक्ति और साधना की प्रेरणा
  • गृहस्थ जीवन में धर्म का मार्गदर्शन