संसद में पेपर लीक पर घमासान, परीक्षा सुधार विधेयक पेश होते ही विपक्ष का जोरदार विरोध

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रखा संशोधन विधेयक, छात्रों पर कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन; सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक टली

संसद में पेपर लीक पर घमासान, परीक्षा सुधार विधेयक पेश होते ही विपक्ष का जोरदार विरोध

नई दिल्ली (ए)। सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में विधेयक प्रस्तुत किया। सरकार की ओर से इस विधेयक पर चर्चा के लिए एनडीए के नौ सांसदों को शामिल किया गया है।

विधेयक पेश होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेर लिया। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में जमकर नारेबाजी की। पहले दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई, लेकिन दोबारा सदन शुरू होने पर भी गतिरोध बना रहा। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन करते हुए सरकार से पेपर लीक प्रकरण और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में हुई चूक और छात्रों के साथ हुई सख्ती पर जवाब देने से बच रही है।

उधर, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। संसद भवन में एनडीए सांसदों ने उनका शॉल और मिथिला पाग पहनाकर स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि प्रधान ने 25 जुलाई को नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

सरकार का दावा है कि नया संशोधन विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। वहीं विपक्ष इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर चर्चा की मांग को लेकर अपने रुख पर कायम है।