संस्कृत की परीक्षा के बीच छत से टूटकर गिरा प्लास्टर, तीन बच्चे घायल
करीब 50 विद्यार्थी दे रहे थे 10वीं की परीक्षा, छात्रा के सिर में लगी चोट; जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
दुर्ग। रसमड़ा के गनियारी स्थित शासकीय हाईस्कूल में मंगलवार को 10वीं कक्षा की संस्कृत परीक्षा उस समय प्रभावित हो गई, जब परीक्षा कक्ष की छत का प्लास्टर अचानक विद्यार्थियों के ऊपर आ गिरा। हादसे में तीन विद्यार्थी चोटिल हो गए। इनमें छात्रा द्रौपदी ठाकुर के सिर में चोट लगी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल दुर्ग ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसके सिर में तीन टांके लगाए हैं।
मंगलवार को स्कूल में त्रैमासिक परीक्षा के तहत 10वीं कक्षा के विद्यार्थी संस्कृत विषय का पेपर दे रहे थे। परीक्षा कक्ष में करीब 50 छात्र-छात्राएं मौजूद थे। इसी दौरान छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। अचानक हुए घटनाक्रम से विद्यार्थियों में हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए परीक्षा का माहौल बिगड़ गया।
एक छात्रा को ज्यादा चोट, दो को मामूली चोट
प्लास्टर गिरने की चपेट में आने से तीन विद्यार्थी घायल हुए। द्रौपदी ठाकुर को सिर में चोट आने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपचार के दौरान उसके सिर पर तीन टांके लगाए गए। वहीं दो अन्य विद्यार्थियों को मामूली चोट आने की जानकारी सामने आई है। हादसे के तुरंत बाद स्कूल प्रबंधन ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
घटना की जांच के लिए टीम पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच दल को स्कूल भेजा। जांच टीम भवन का निरीक्षण कर रही है। छत का प्लास्टर किस वजह से गिरा, भवन की वर्तमान स्थिति कैसी है और क्या पहले से मरम्मत की जरूरत थी, इन बिंदुओं की जांच की जा रही है। स्कूल भवन से संबंधित पूर्व शिकायतों और मरम्मत की स्थिति की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बड़ी घटना टली
परीक्षा के दौरान एक साथ करीब 50 विद्यार्थियों की मौजूदगी में छत का प्लास्टर गिरना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता था। गनीमत रही कि हादसे में किसी विद्यार्थी को गंभीर रूप से नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में भी भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है।
स्कूल भवनों की सुरक्षा पर फिर सवाल
गनियारी हाईस्कूल की घटना ने सरकारी स्कूलों के भवनों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर परीक्षा जैसे समय में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भवन की स्थिति की जांच कितनी जरूरी है, यह घटना इसका उदाहरण है। दुर्ग शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला होने के कारण भी इस घटना पर शिक्षा विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल घायल छात्रा का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
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