सरकारी गोदामों से धान गायब, ‘चूहा थ्योरी’ पर कांग्रेस का हमला
धान घोटाले पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने निकाली ‘चूहा बारात’ की चेतावनी
*छत्तीसगढ़ के कवर्धा और महासमुंद जिलों में सरकारी गोदामों से लाखों क्विंटल धान के रहस्यमय रूप से गायब होने का मामला अब राजनीतिक तूफान बन गया है। धान के नुकसान के लिए सरकार द्वारा दी गई “चूहों के खा जाने” की दलील को कांग्रेस ने सिरे से खारिज करते हुए इसे भ्रष्टाचार छिपाने की साजिश बताया है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस ने दुर्ग कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।*
दुर्ग। दुर्ग कलेक्ट्रेट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भारी भीड़ जुटी। नारेबाजी के बीच कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने किया। कांग्रेस का कहना है कि धान घोटाले की सच्चाई को दबाने के लिए सरकार हास्यास्पद तर्क गढ़ रही है, जिससे असली दोषियों को बचाया जा सके।
करोड़ों के धान पर सवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने दावा किया कि
कवर्धा जिले में लगभग 7 करोड़ रुपए
महासमुंद जिले में करीब 5 करोड़ रुपए का धान सरकारी गोदामों से गायब हुआ है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि धान चूहों ने खा लिया, तो गोदामों की सुरक्षा, निगरानी और भंडारण की जिम्मेदारी किसकी थी?
‘चूहों पर डाला जा रहा भ्रष्टाचार का ठीकरा’
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह देश का पहला मामला है, जहां सरकार अपने ही घोटाले का ठीकरा बेजुबान जानवरों पर फोड़ रही है।
राकेश ठाकुर ने कहा—
“अगर चूहे ही इतने ताकतवर हैं कि करोड़ों का धान खा जाएं, तो जिम्मेदार अफसर और नेता किस काम के हैं? असल में धान ठिकाने लगाने वाले लोग खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।”
20 जनवरी को निकलेगी ‘चूहा बारात’
कांग्रेस ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है।
पार्टी के अनुसार 20 जनवरी को दुर्ग कांग्रेस भवन से ‘चूहा बारात’ निकाली जाएगी, जो कलेक्ट्रेट तक पहुंचेगी। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री को चूहा सौंपने की योजना है।
‘तोहफे’ में सौंपा जाएगा चूहा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री को चूहा “दोस्ताना तोहफे” के रूप में सौंपा जाएगा, ताकि सरकार की दलीलों की सच्चाई जनता के सामने लाई जा सके। यह प्रदर्शन सत्ता की कार्यप्रणाली पर व्यंग्यात्मक हमला होगा।
निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग
कांग्रेस ने पूरे धान घोटाले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की, तो राज्यभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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