आईआईटी भिलाई का डिजिटल नवाचार: एक क्लिक पर सरकारी सेवाएं, इमरजेंसी इलाज के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ नेटवर्क शुरू
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘गोल्डन ऑवर’ और ‘सरल’ प्लेटफॉर्म का किया लोकार्पण, अस्पतालों, एम्बुलेंस और प्रशासनिक विभागों को मिलेगा एकीकृत डिजिटल मंच
भिलाई। छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति देने की दिशा में आईआईटी भिलाई के इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBF) ने दो महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘गोल्डन ऑवर’ और ‘सरल’ विकसित किए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को इन दोनों प्लेटफॉर्म का लोकार्पण करते हुए कहा कि तकनीक आधारित नवाचार सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरलता से उपलब्ध होंगी, जबकि गंभीर मरीजों को आपातकालीन उपचार समय पर मिल सकेगा।
‘गोल्डन ऑवर’ प्लेटफॉर्म विशेष रूप से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह सीएमएचओ कार्यालय, इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (EMS), एम्बुलेंस नेटवर्क, अस्पतालों और चिकित्सकों को एक ही डिजिटल मंच पर जोड़ता है। इसके जरिए एम्बुलेंस की रियल-टाइम ट्रैकिंग, उपलब्ध बेड और आईसीयू के आधार पर उपयुक्त अस्पताल का चयन, मरीजों का सुरक्षित रेफरल तथा आपातकालीन मामलों की निगरानी संभव होगी।
प्लेटफॉर्म एम्बुलेंस चालकों को वास्तविक समय में सबसे तेज और सुगम मार्ग की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। साथ ही यह बताएगा कि किस अस्पताल में बेड, आईसीयू और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं। मरीज को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही संबंधित चिकित्सकों को सूचना मिल जाएगी, जिससे इलाज की तैयारी पहले से हो सकेगी और दुर्घटना या गंभीर स्थिति में ‘गोल्डन ऑवर’ का अधिकतम उपयोग संभव होगा।
वहीं ‘सरल’ (Simplified Access to Raipur Administrative Links) एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे नागरिक सेवाओं, सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा और लोगों को अलग-अलग पोर्टल पर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी।
‘सरल’ पर रोजगार संबंधी जानकारी, सरकारी योजनाओं का विवरण, आवेदन प्रक्रिया, शिकायत दर्ज कराने और शासन को सुझाव भेजने जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगी। इससे नागरिकों का समय बचेगा और प्रशासनिक कार्य अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए ऐसे नवाचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आईआईटी भिलाई द्वारा विकसित ये प्लेटफॉर्म प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
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