आगजनी से हड़कंप… किसानों की 40 एकड़ की पैरावट और मूर्ति निर्माण की झोपड़ी जलकर खाक

आगजनी से हड़कंप… किसानों की 40 एकड़ की पैरावट और मूर्ति निर्माण की झोपड़ी जलकर खाक

शुक्रवार शाम अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पंचायत भवन के पास नवा रायपुर रोड किनारे स्थित ग्रामीणों के ब्यारा में रखी पैरावट के लगभग 8 बड़े ढेरों में अचानक आग भड़क उठी।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से आगजनी की एक बड़ी घटना सामने आई है। नवापारा राजिम थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव (ल) में शुक्रवार शाम अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पंचायत भवन के पास नवा रायपुर रोड किनारे स्थित ग्रामीणों के ब्यारा में रखी पैरावट के लगभग 8 बड़े ढेरों में अचानक आग भड़क उठी।

देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पास ही मूर्ति निर्माण के लिए बनाई गई झोपड़ी को भी अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ी में रखे लकड़ी के खांचे, पैरा सहित मूर्ति निर्माण की अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।

आग शॉर्ट सर्किट से नहीं लगी

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट से नहीं लगी, क्योंकि घटनास्थल के आसपास कोई विद्युत तार मौजूद नहीं है। आसपास के खेतों में भी आग के कोई निशान नहीं पाए गए हैं और मौसम भी अत्यधिक गर्म नहीं था। ऐसे में प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि किसी असामाजिक तत्व द्वारा बीड़ी या सिगरेट का जलता हुआ टुकड़ा फेंके जाने से आग लगी होगी, जो धीरे-धीरे सभी पैरावट के ढेरों तक फैल गई।

दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।

प्रशासन से मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इस घटना में ग्राम नवागांव (ल) के किसान अश्वनी चक्रधारी, संतु चक्रधारी, किशुन चक्रधारी, नोहर साहू, बिरसिंह धुव, अशोक चक्रधारी, ईश्वर चक्रधारी, हेमलाल साहू, कोमल चक्रधारी सहित अन्य किसानों की लगभग 40 एकड़ की पैरावट जलकर खाक हो गई। इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। एक छोटी सी चिंगारी ने किसानों की महीनों की मेहनत और मूर्तिकार की रोजी-रोटी को राख में बदल दिया। घटना के बाद गांव में प्रशासन से मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।