बीपीएल राशनकार्ड पर बड़ा खुलासा, 1 लाख से अधिक संदिग्ध की हुई पहचान, कटेगा नाम

खाद्य विभाग की जांच में 1.11 लाख से अधिक संदिग्ध कार्डधारी सामने आए हैं। इनमें 6,339 इनकम टैक्स देने वाले, 71 जीएसटी कारोबार से जुड़े लोग, और 79,446 एक हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले किसान शामिल हैं।

बीपीएल राशनकार्ड पर बड़ा खुलासा, 1 लाख से अधिक संदिग्ध की हुई पहचान, कटेगा नाम

दुर्ग जिले में बड़ी संख्या में ऐसे लोग बीपीएल राशनकार्ड का लाभ उठा रहे हैं, जो पात्रता मानकों में आते ही नहीं। खाद्य विभाग की जांच में 1.11 लाख से अधिक संदिग्ध कार्डधारी सामने आए हैं। इनमें 6,339 इनकम टैक्स देने वाले, 71 जीएसटी कारोबार से जुड़े लोग, और 79,446 एक हेक्टेयर से अधिक जमीन वाले किसान शामिल हैं। अब तक 39,498 संदिग्ध राशनकार्डों का सत्यापन किया जा चुका है, जबकि शेष 71,764 कार्डों की जांच जारी है।

संदिग्ध कार्ड1,11,262

सत्यापन व कार्रवाई39,498

शेष संदिग्ध71,764

इनकम टैक्स दाता6,339

जीएसटी कारोबारी71

एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन वाले79,446

4.95 लाख राशनकार्ड जिले में

1,17,165 एपीएल

3,78,274 बीपीएल

2,98,217 प्राथमिकता

75,138 अंत्योदय

1,959 निराश्रित

2,959 निशक्तजन

आयकर दाता और बड़े किसान भी ले रहे थे गरीबों का राशन

पहले भी काटे जा चुके हैं 20 हजार नाम

पिछले राउंड में गलत आधार, अनुपस्थित हितग्राहियों और सत्यापन में पता न मिलने पर 20,490 लाभार्थियों के नाम हटाए जा चुके हैं।

राशन लेने नहीं पहुंचे

5,796 हितग्राही 12 माह से अधिक समय से

1,319 हितग्राही 6 से 12 माह से

संदिग्ध राशनकार्डों की सूची जारी कर फिजिकल सत्यापन कराया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अनुराग सिंह भदौरियाखाद्य नियंत्रक, दुर्ग

फर्जी तरीके से ले रहे थे राशन

8,818 हितग्राही डुप्लीकेट आधार नंबर से

195 लोग राज्य के बाहर रहकर

8,787 लोग निष्क्रिय आधार से

इनमें से अधिकांश कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं।

सत्यापन किन मानकों पर

CBDT (कर समूह): जिनकी वार्षिक आय 6 लाख से अधिक

GSTN जिनका कारोबार 25 लाख रुपए से अधिक

PM किसान: जिनकी जमीन 2.47 एकड़ (एक हेक्टेयर) से ज्यादा

जिमेदारी भी तय होगी, राशन की वसूली संभव

खाद्य संचालनालय ने जिलेवार सूची जारी कर फिजिकल सत्यापन के निर्देश दिए हैं। अपात्र पाए जाने पर नाम हटाया जा रहा है। फर्जी कार्डों से लिए गए राशन की वसूली संभव है। संबंधित दुकानों एवं अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

कैसे खुला खेल

आधार-बैंक-पेन की क्रॉस चेकिंग से पकड़े गए अपात्र। वन नेशन-वन राशनकार्ड योजना के तहत जिले के सभी कार्डों का ई-केवाईसी कराया गया। इसके बाद प्रत्येक सदस्य के आधार की सत्यापन, बैंक खातों से जुड़े आधार, पेन नंबरों का मिलान,पीएम किसान के रिकॉर्ड से जोत की जानकारी। इन सभी डेटा के संयोजन से अपात्र हितग्राही सामने आए।