स्पा सेंटर में पुलिस की कार्रवाई, दो लोगों पर अनैतिक व्यापार का मामला दर्ज

युवतियों से पूछताछ में सामने आए गंभीर आरोप, बाहर से बुलाकर काम कराने की भी पुलिस को जानकारी

स्पा सेंटर में पुलिस की कार्रवाई, दो लोगों पर अनैतिक व्यापार का मामला दर्ज

देवेंद्र नगर क्षेत्र के एक स्पा सेंटर में पुलिस की छापेमारी के बाद कथित अनैतिक गतिविधियों का मामला सामने आया है। संयुक्त पुलिस टीम ने सेंटर की जांच के दौरान आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने की बात कही है। मौके पर मौजूद युवतियों से पूछताछ के दौरान संचालक और मैनेजर पर देह व्यापार के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रायपुर। श्याम स्क्वायर स्थित इशवा लग्जरी स्पा सेंटर में पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। 10 सितंबर को एसीपी स्नेहिल साहू के नेतृत्व में सिविल लाइन और देवेंद्र नगर पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से सेंटर में जांच की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सेंटर से आपत्तिजनक सामग्री मिलने का दावा किया है।

जांच के दौरान सेंटर में मौजूद युवतियों से पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में युवतियों ने सेंटर संचालक हरविंदर सिंह ग्रोवर और मैनेजर मुकेश कुमार वर्मा पर देह व्यापार कराने के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए हैं। पुलिस इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

युवतियों को दूसरे राज्यों से लाने का आरोप

पुलिस को पूछताछ में यह भी जानकारी मिली कि सेंटर में काम करने के लिए कुछ युवतियों को दूसरे राज्यों से बुलाया गया था। अब पुलिस उनके रायपुर पहुंचने, नियुक्ति और सेंटर में काम करने से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।

साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सेंटर में नियम विरुद्ध गतिविधियां कितने समय से संचालित थीं और इसमें संचालक व मैनेजर के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

पीटा एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने कार्रवाई के बाद टिकरापारा निवासी संचालक हरविंदर सिंह ग्रोवर और भिलाई-3 निवासी मैनेजर मुकेश कुमार वर्मा के खिलाफ देवेंद्र नगर थाने में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, 1956 के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस सेंटर से जुड़े दस्तावेजों, कर्मचारियों की जानकारी और युवतियों के बयानों की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने आरोपों को जांच का विषय बताते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।