हेमचंद विश्वविद्यालय में नतीजों पर बवाल, छात्रों का हंगामा तेज़
50 से अधिक विद्यार्थी कम अंक और अनुत्तीर्ण घोषित, अरुण वोरा बोले– भविष्य के साथ समझौता नहीं होगा
हेमचंद विश्वविद्यालय का परीक्षा परिणाम एक बार फिर विवादों में आ गया है। बीएससी द्वितीय सेमेस्टर के दर्जनों छात्रों को कम अंक मिलने और बड़ी संख्या में फेल कर दिए जाने से सोमवार को परिसर में गहमागहमी बढ़ गई। नाराज़ विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की और पारदर्शी मूल्यांकन की मांग की।
दुर्ग। परिसर में प्रदर्शन की स्थिति उस समय बिगड़ गई जब लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राएँ नतीजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। हालात काबू में रखने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अरुण वोरा मौके पर पहुँचे और विद्यार्थियों के बीच खड़े होकर प्रशासन पर सख़्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि पुनर्मूल्यांकन नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा।”
वोरा ने कुलपति डॉ. संजय तिवारी से मुलाक़ात कर छात्रों की समस्याएँ सामने रखीं। कुलपति ने आश्वासन दिया कि कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराया जाएगा।
यह विवाद नया नहीं है। पिछले कुछ महीनों से विश्वविद्यालय के नतीजों को लेकर विद्यार्थियों में असंतोष बना हुआ है। आरोप है कि अत्यधिक कठोर मूल्यांकन और लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में छात्र अपेक्षित अंक पाने में असफल हो रहे हैं। परिणामों की इस प्रवृत्ति ने युवाओं में गहरी निराशा और गुस्सा पैदा कर दिया है, जो अब खुले विरोध में तब्दील हो रहा है।
suntimes 