540 करोड़ के कोल लेवी केस में नया मोड़, देवेंद्र यादव को 5 अक्टूबर को कोर्ट में हाजिर होने का नोटिस
EOW की जांच पूरी, विशेष अदालत में दाखिल होगा अभियोग पत्र; सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी डायरी में नाम आने के बाद हुई थी पूछताछ
दुर्ग-भिलाई। करीब 540 करोड़ रुपए की कथित कोल लेवी वसूली से जुड़े मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को नया नोटिस जारी किया है। EOW ने उन्हें 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10.30 बजे रायपुर की विशेष अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा है। एजेंसी के नोटिस के अनुसार, मामले की विवेचना के बाद अब अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना है।
देवेंद्र यादव से कुछ दिन पहले भी EOW कार्यालय में पूछताछ हुई थी। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह पूछताछ सूर्यकांत तिवारी से संबंधित प्रकरण में सामने आए दस्तावेजों और एक डायरी में दर्ज कथित लेन-देन को लेकर की गई थी। डायरी में देवेंद्र यादव का नाम सामने आने के बाद एजेंसी ने इस संबंध में उनसे जानकारी ली थी। यादव ने आरोपों को निराधार बताया है।
ऑनलाइन से मैन्युअल व्यवस्था बनने के बाद बढ़ा विवाद
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुलाई 2020 में कोयला परिवहन की अनुमति की ऑनलाइन व्यवस्था में बदलाव किया गया था। इसके बाद मैन्युअल अनुमति प्रक्रिया शुरू हुई। आरोप है कि इसी दौरान कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से प्रत्येक टन पर 25 रुपए की राशि वसूलने की व्यवस्था बनाई गई।
जांच के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कथित तौर पर करीब 540 करोड़ रुपए की राशि एकत्र की गई। रायगढ़, कोरबा और सूरजपुर जैसे कोयला उत्पादक जिलों में इस व्यवस्था के संचालित होने का दावा जांच एजेंसियों ने किया है।
लेन-देन के रिकॉर्ड की पड़ताल
सूर्यकांत तिवारी से संबंधित जांच में मिले दस्तावेजों में कथित तौर पर रकम के लेन-देन का विवरण दर्ज होने की बात कही गई है। इसी सामग्री के आधार पर EOW ने कई लोगों की भूमिका की जांच की। देवेंद्र यादव का नाम सामने आने के बाद उनसे पूछताछ की गई और अब उनका नाम मामले की जांच में शामिल है।
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में भी कथित कोल लेवी वसूली और रकम के विभिन्न स्तरों तक पहुंचने के आरोप लगाए गए थे। वहीं, EOW अब अपने स्तर पर मामले से जुड़े तथ्यों, दस्तावेजों और लेन-देन की कड़ियों की जांच के बाद अभियोग पत्र पेश करने की प्रक्रिया में है।
जनवरी 2024 में दर्ज हुआ था EOW का अपराध
कोयला परिवहन की अनुमति से जुड़ी मैन्युअल व्यवस्था को कथित अवैध वसूली से जोड़ते हुए EOW ने जनवरी 2024 में अपराध दर्ज किया था। मामले में तत्कालीन अधिकारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की गई। अब विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र पेश करने की तैयारी है। 5 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होगी।
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