किसानों को बड़ी राहत.. बेमौसम बारिश से चौपट हुई फसलों पर मिलेगी क्षतिपूर्ति, अधिसूचना जारी
टमाटर और दूसरे सब्जियों की फसल की भी हालत खराब है। नुकसान की स्थिति में किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सकता है। कृषि विभाग ने इसके लिए अधिसूचना जारी किया है
मोंथा तूफान के चलते बेमौसम बारिश से धान के साथ टमाटर और सब्जियों की खेती को नुकसान हुआ है। तेज हवा के साथ करीब तीन दिन तक हुई बारिश से पककर तैयार धान की फसल जमीन पर लेट गई है। इन पौधों की बालियों के सड़ने अथवा जर्मीनेशन की स्थिति बन गई है। वहीं टमाटर और दूसरे सब्जियों की फसल की भी हालत खराब है। नुकसान की स्थिति में किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सकता है। कृषि विभाग ने इसके लिए अधिसूचना जारी किया है।
चक्रवाती तूफान ने खड़ी की मुसीबत
चक्रवाती तूफान के कारण मौसम के बिगड़े मिजाज ने किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। तूफान के कारण जिले के अधिकतर इलाकों में बारिश हुई। अभी भी मौसम पूरी तक साफ नहीं हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक धान की करीब 50 फीसदी फसल पककर तैयार है। इनमें से करीब 20 फीसदी फसल जमीन पर गिर गई है। धमधा इलाके के खेतों में बारिश का पानी भरने और पौधे गिरने से धान की बालियां डूब गई है। अफसरों के मुताबिक इन फसलों को नुकसान होगा। बदली और बारिश के कारण टमाटर और सब्जियों के फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
टमाटर और सब्जियों में सड़न का खतरा
जिले में टमाटर और साग-सब्जियों की खेती भी बहुतायत होती है। टमाटर के पौधों पर बारिश के कारण प्री-मेच्योर होकर पकने के साथ सड़ने और कीड़े लगने का खतरा बढ़ गया है। इसी तरह अन्य सब्जियों में कीट व्याधि का खतरा बढ़ जाएगा। उद्यानिकी की अधिकतर खेती कन्हार मिट्टी में होती है। इसके जल्द नहीं सूखने से किसानों को नुकसान होगा।
फसल बीमा का मिल सकता है लाभ
कृषि विभाग के अफसर बारिश से भीग चुकी फसल पर कम से कम नुकसान के लिए भी किसानों को सलाह दे रहे हैं। अफसरों के कहना है कि खेतों से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करें, ताकि गिर चुकी फसल की बालियां पानी में भीगे नहीं। इसके लिए कटाई के लिए मौसम खुलने के बाद तत्काल कटाई नहीं कर सूखने का अवसर दें। इससे किसानों को कम से कम नुकसान होगा।
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