चक्रवात मुरासु ने आंध्र में मचाई तबाही, तेलंगाना की ओर बढ़ा
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव
हैदराबाद/भुवनेश्वर/अमरावती। चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाने के बाद तेलंगाना की ओर रुख कर लिया है। सोमवार देर रात करीब 1 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराए इस तूफान का केंद्र मंगलवार सुबह 5.30 बजे तक तेलंगाना की दिशा में आगे बढ़ गया। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम विभाग ने मंगलवार शाम तक तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। विजयवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में पेड़ जड़ से उखड़ गए, बिजली के सैकड़ों खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और नावों को भी नुकसान पहुंचा। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हुआ, वहीं हाईवे पर वाहन फंस गए। खराब मौसम के चलते आंध्र प्रदेश के तीन हवाई अड्डों से 19 और चेन्नई से 11 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। रेलवे ने भी सुरक्षा के मद्देनजर विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेलखंड पर परिचालन रोक दिया है। चार ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, जबकि कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में नियंत्रित किया गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 8.30 बजे से मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक बापटला में सर्वाधिक 222.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। नरसापुर में 198.6 मिमी, ओंगोल में 120.2 मिमी और मछलीपट्टनम में 83.9 मिमी वर्षा हुई। बापटला के सूर्यलंका रोड के आसपास तेज हवाओं के कारण कई पेड़ गिर गए। राहत एवं बचाव कार्यों में एनडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं।
प्रकाशम जिले में लगातार बारिश के कारण प्रभावित परिवारों को जिला परिषद स्कूल में बनाए गए चक्रवात राहत केंद्र में पहुंचाया गया है। वहीं, आंध्र प्रदेश के कई जिलों में एहतियातन आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है। ओडिशा के पांच जिलों से करीब 1.60 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए पांच राज्यों में एनडीआरएफ की 37 टीमें तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी इसके प्रभाव की आशंका जताई है।
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