बस्तर में आज अमित शाह का मुरिया दरबार: ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे, महिलाओं को 606 करोड़ की किस्त जारी करेंगे

देश के पहले केंद्रीय गृहमंत्री होंगे जो मुरिया दरबार में शामिल होंगे

बस्तर में आज अमित शाह का मुरिया दरबार: ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे, महिलाओं को 606 करोड़ की किस्त जारी करेंगे
  • लालबाग मैदान में स्वदेशी मेला और जनसभा को करेंगे संबोधित
  • महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त से 65 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ
  • जगदलपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, भारी वाहनों की एंट्री पर रोक

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज बस्तर दौरे पर हैं। वे देश के पहले गृह मंत्री होंगे जो परंपरागत मुरिया दरबार की रस्म में शामिल होंगे और ग्रामीणों की समस्याएं सीधे सुनेंगे। शाह स्वदेशी मेला और जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के तहत 606.94 करोड़ रुपये की राशि 64.94 लाख महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करेंगे।

जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को बस्तर पहुंचे। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने उनका स्वागत किया। थोड़ी देर में शाह सिरहासार भवन पहुंचेंगे, जहां वे बस्तर दशहरा के पारंपरिक मुरिया दरबार की रस्म में शामिल होंगे। यह पहली बार होगा जब देश का कोई गृह मंत्री मुरिया दरबार का हिस्सा बनेगा।

बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव ने बताया कि यह परंपरा राजशाही काल से चली आ रही है, जिसमें जनता अपनी समस्याएं दरबार में रखती थी और तत्काल समाधान होता था। अब लोकतांत्रिक व्यवस्था में मंत्री और जनप्रतिनिधि इस परंपरा को निभा रहे हैं।

दरबार में अमित शाह मांझी, चालकी, मेंबर और अन्य समुदायों से संवाद कर उनकी समस्या सुनेंगे। इसके बाद वे लालबाग मैदान में आयोजित स्वदेशी मेला और जनसभा को संबोधित करेंगे।

शाह बस्तर दौरे के दौरान महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त भी जारी करेंगे। इस बार 606.94 करोड़ की राशि प्रदेश की 64.94 लाख महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी और अब तक महिलाओं को कुल 12,983.13 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी है।

जगदलपुर में शाह की सुरक्षा को लेकर कड़ी व्यवस्था की गई है। पुलिस ने शहर में भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी है।

इससे पहले बस्तर दशहरा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में शाह को आमंत्रण दिया था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बस्तर सांसद और दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने किया था।