रायपुर में 80 लाख की हेरोइन बरामद: पंजाब से 1600 KM का ड्रग रूट, 9 सप्लायर गिरफ्तार; 4 नेटवर्क ध्वस्त
कार-बाइक-मोबाइल समेत 1.03 करोड़ की जब्ती; साइंस कॉलेज रोड से शुरुआत हुई कार्रवाई, पुलिस ने पूरे गिरोह का नेटवर्क तोड़ा
रायपुर पुलिस ने शहर के सबसे सक्रिय हेरोइन सप्लाई चेन का बड़ा भंडाफोड़ किया है। पंजाब से चलकर 1600 किलोमीटर दूर रायपुर तक पहुंचने वाले ड्रग नेटवर्क को खत्म करते हुए पुलिस ने 9 सप्लायर्स को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 400 ग्राम हेरोइन और लाखों की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस जांच में चार अलग-अलग ड्रग नेटवर्क की संलिप्तता सामने आई है।
रायपुर। राजधानी रायपुर में फैले हेरोइन (चिट्टा) सप्लाई नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पंजाब से रायपुर तक 1600 किलोमीटर लंबी स्मगलिंग चेन चलाने वाले ड्रग सप्लायरों को पुलिस ने एक साथ दबोचा। कुल 9 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और इनके पास से 400 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी क़ीमत करीब 80 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने एक कार, चार बाइक और दस मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी कीमत 1 करोड़ से अधिक आंकी गई है।
कैसे टूटा ड्रग्स सिंडिकेट?
पुलिस ने बताया कि शहर में चार छोटे-छोटे नेटवर्क सक्रिय थे, जो पंजाब से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हेरोइन लाकर रायपुर में सप्लाई कर रहे थे। इन नेटवर्क में कमलेश अरोड़ा उर्फ लाली, बगेल सिंह, आयुष दुबे, और गगनदीप सिंह मुख्य सप्लायर के रूप में काम कर रहे थे। सभी पर अलग-अलग थानों—कबीर नगर, आमानाका, सरस्वती नगर और आज़ाद चौक—में FIR दर्ज है।
एक इंफॉर्मर की टिप… और गिर गई पहली कड़ी
सरस्वती नगर पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि साइंस कॉलेज ग्राउंड के पास DDU ऑडिटोरियम रोड पर एक काली हुंडई कार में ड्रग्स की डील होने वाली है। पुलिस तुरंत अलर्ट हुई और इलाके की घेराबंदी कर दो सप्लायरों को मौके से पकड़ा। तलाशी में उनके पास से 26.22 ग्राम हेरोइन और 20 लाख की हुंडई कार बरामद हुई। यही गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में अहम साबित हुई।
5 दिसंबर को दो और सप्लायर पकड़े, फिर भागे, फिर दबोचे
उसी रात पुलिस ने खिलावन साहू और गगनदीप सिंह को भी पकड़ा, लेकिन दोनों अगले दिन फरार हो गए। पुलिस टीम ने लगातार छापेमारी करते हुए दोनों को फिर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं।
कमलेश 'लाली' नेटवर्क का खुलासा
कबीर नगर पुलिस ने बताया कि कमलेश अरोड़ा पंजाब व दुर्ग-भिलाई के बड़े सप्लायरों के लिए फ्रंटमैन की तरह काम करता था। उसका नेटवर्क धमतरी, बलौदाबाजार और जगदलपुर तक फैला था। 28 नवंबर को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर 303 ग्राम हेरोइन जब्त की। उसके साथी गौरव सोनी को भी पकड़ा गया।
SSP ने बताया—‘पंजाब से लाकर राजधानी में खपाते थे’
रायपुर SSP लाल उमेद सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह लंबे समय से पंजाब से ड्रग्स ला रहा था और लोकल नेटवर्क के जरिए रायपुर में सप्लाई करता था। अगस्त 2025 में हुए एक बड़े नारकोटिक्स ऑपरेशन के बाद से पुलिस इन पर कड़ी नजर रखे हुए थी।
पूरे शहर में छोटे सप्लाई चेन का सफाया
पुलिस के अनुसार, बड़े नेटवर्क टूटने के बाद कई छोटे नेटवर्क सक्रिय हो गए थे। अब कार्रवाई में ऐसे चार ड्रग्स नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में ड्रग्स तस्करी पर और सख्त निगरानी रखी जाएगी।
suntimes 