राशन व्यवस्था में बड़ी गड़बड़ी! चावल के बदले नकद, आपूर्ति ठप होने से बढ़ी परेशानी
रायपुर में PDS के तहत राशन दुकानों में अनियमितता सामने आई है, जहां हितग्राहियों को चावल की जगह नकद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे गरीबों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित राशन दुकानों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोप है कि कई दुकानों पर गरीब हितग्राहियों को चावल देने के बजाय नकद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे न केवल शासन की योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि जरूरतमंदों के अधिकारों का भी हनन हो रहा है।
चावल के बदले नकद देने का आरोप
शिकायत के अनुसार कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड स्थित राशन दुकान (आईडी 441001281) और लालपुर, एमएमआई अस्पताल के पास स्थित दुकान (आईडी 441001283) में यह अनियमितता सामने आई है। दोनों दुकानों का संचालन हेमदुर्गा साहू के नाम पर बताया जा रहा है। हितग्राहियों का आरोप है कि यहां चावल देने के बजाय सीधे नकद थमा दिया जाता है।
“चावल नहीं मिलेगा, पैसा ले लो”- हितग्राहियों का आरोप
कार्डधारकों का कहना है कि दुकान संचालक खुलेआम कहता है कि “चावल नहीं मिलेगा, पैसा लेना हो तो ले लो, नहीं तो कहीं और से ले लो।” इससे साफ है कि नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है और गरीबों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है।
तय रेट पर हो रहा खेल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ राशन दुकानदारों ने आपसी सांठगांठ कर चावल का एक तय ‘रेट’ बना लिया है। बाजार में 30-35 रुपये प्रति किलो बिकने वाले चावल को गरीबों से करीब 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से नकद देकर वापस लिया जा रहा है। इससे दुकानदारों को सीधा फायदा पहुंच रहा है।
तीन माह में दो माह का ही राशन
कई स्थानों पर यह भी शिकायत सामने आई है कि तीन महीने के राशन में से केवल दो महीने का ही चावल दिया जा रहा है, जबकि तीसरे महीने के बदले नकद थमा दिया जाता है। इससे हितग्राहियों को पूरी मात्रा में राशन नहीं मिल पा रहा है।
धमतरी जिले में भी आपूर्ति बाधित
रायपुर के साथ-साथ धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक में भी चावल आपूर्ति ठप होने की शिकायत सामने आई है। यहां गरीबों को राशन नहीं मिल पा रहा है और सेल्समैन केवल तारीख पर तारीख दे रहे हैं। इससे रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है।
शासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने खाद्य विभाग और शासन से मांग की है कि चावल आपूर्ति को तत्काल सुचारू किया जाए और दोषी राशन दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके।
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