रेत खदानों की ई-नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा : दुर्ग में 10 अक्टूबर को प्रशिक्षण सत्र
9 अक्टूबर को जिला पंचायत समिति की बैठक, विकास और प्रशासनिक कार्यों की होगी समीक्षा
रायपुर/दुर्ग। दुर्ग जिले में गौण खनिज रेत खदानों के आबंटन को अब पूर्णतः ऑनलाइन और पारदर्शी प्रणाली से किया जाएगा। खनिज विभाग ने ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रणाली के तहत एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से खदानों के आबंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में संबंधित अधिकारियों और इच्छुक बोलीकर्ताओं के लिए 10 अक्टूबर को दोपहर 12 से 3 बजे तक जिला पंचायत सभागार दुर्ग में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा।
उप संचालक (खनिज) दीपक मिश्रा ने बताया कि प्रशिक्षण में दुर्ग संभाग के सभी जिला अधिकारी, खनिज विभाग के प्रतिनिधि और संभावित बोलीकर्ता शामिल होंगे। प्रशिक्षण के दौरान पोर्टल पंजीयन, निविदा प्रक्रिया, बोली लगाना, तकनीकी अर्हता जांच, लॉटरी और अधिमानी बोलीदार चयन जैसे सभी चरणों की जानकारी दी जाएगी।
ई-नीलामी प्रणाली से न केवल रेत खदान आबंटन में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी, बल्कि खनन कार्यों में अनियमितता पर भी रोक लगेगी। इससे राजस्व की प्राप्ति में वृद्धि और खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इधर, जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य प्रशासन स्थायी समिति की बैठक 9 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजे से जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक और विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को समय पर उपस्थिति के निर्देश जारी किए गए हैं।
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