खास समाचार : छत्तीसगढ़ में 'मोन्था' तूफान का प्रभाव, 27 जिलों में अलर्ट जारी
छत्तीसगढ़ में चक्रवात 'मोन्था' का असर महसूस किया जा रहा है। रायपुर सहित कई जिलों में सुबह से तेज हवा और बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 27 जिलों में चेतावनी जारी की है, जिसमें 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में यलो अलर्ट शामिल हैं। इन जिलों में गरज-चमक और तेज बारिश की संभावना है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
रायपुर। सरगुजा संभाग में सुबह के वक्त हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक यहां बारिश की चेतावनी जारी है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के इलाकों में सुबह से तेज हवा बह रही है।
बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम और मुंगेली। इन जिलों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है।
यलो अलर्ट वाले जिले:
रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलौदा बाजार, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा। इन जिलों में बिजली गिरने और तेज बारिश की संभावना है।
धान की फसल को नुकसान का खतरा
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर सरगुजा, अंबिकापुर और बस्तर संभाग में धान की फसल को नुकसान होने का डर है। मंगलवार को अंबिकापुर में जोरदार बारिश हुई, जिससे किसान चिंतित हैं।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं की चेतावनी
बस्तर संभाग के जिलों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी। बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर में इसका असर ज्यादा रहेगा। वहीं 30 अक्टूबर को बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
पड़ोसी राज्य में भी प्रभाव
बस्तर से लगे पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़वासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अक्टूबर में अब तक औसत से अधिक बारिश
छत्तीसगढ़ में मानसून 15 अक्टूबर तक लौट आया। मानसून सीजन सामान्यतः 30 सितंबर को समाप्त माना जाता है। इस साल 1 से 26 अक्टूबर तक राज्य में 89.4 मिमी पानी गिर चुका है, जो औसत 56.2 मिमी से 59 प्रतिशत अधिक है।
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