फर्श के नीचे गाड़ रखे थे चोरी के जेवर और नकदी, भिलाई के डॉक्टर के घर हुई एक करोड़ की चोरी सुलझी
यूपी के ज्वेलर्स तक पहुंचा चोरी का नेटवर्क, जेवर गलाकर बदली पहचान; 9 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
भिलाई। सूने मकान की रेकी कर करोड़ों के आभूषण और नकदी समेटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने में दुर्ग पुलिस को सफलता मिली है। वैशाली नगर क्षेत्र में डॉक्टर के घर हुई करीब एक करोड़ रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में चोरी के जेवरों को ठिकाने लगाने के लिए उत्तरप्रदेश के ज्वेलर्स से संपर्क और रकम से वाहन व अन्य संपत्ति खरीदने का मामला भी सामने आया है। पुलिस ने 47.64 लाख रुपये नकद सहित करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। वारदात का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अब भी फरार है।
मामले की शुरुआत 17 अक्टूबर से हुई, जब सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल अपने परिवार के साथ मकान में ताला लगाकर बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर को लौटने पर उन्हें घर की अलमारी खंगाली हुई मिली। उसमें रखी नकदी और सोने, चांदी व डायमंड के आभूषण गायब थे। चोरी की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई। डॉक्टर की शिकायत पर वैशाली नगर थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला रास्ता
चोरी की गंभीरता को देखते हुए वैशाली नगर थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस की टीमों ने महाराष्ट्र के गोंदिया और नागपुर के अलावा उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही में आरोपियों की तलाश की।
इस दौरान प्रदीप कुमार चौधरी पुलिस के हाथ लगा। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर चोरी की नकदी और सोने के आभूषण बरामद किए गए। खास बात यह रही कि कीमती सामान को घर के कमरे में फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाया गया था।
भदोही में बेचे गए थे चोरी के आभूषण
पुलिस की जांच में चोरी के माल को खपाने की कड़ी उत्तरप्रदेश के भदोही से जुड़ी मिली। यहां वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल ने कथित तौर पर चोरी के सोने के आभूषण कम कीमत पर खरीदे थे। पुलिस के मुताबिक कुछ आभूषणों को भट्टी में गलाकर उनका मूल स्वरूप भी बदल दिया गया था। इसके बाद ज्वेलर्स को गिरफ्तार किया गया। चोरी का सामान ठिकाने लगाने में सहयोग करने वाले सुजीत सिंह को भी पुलिस ने पकड़ा।
चोरी की रकम से बदली जीवनशैली
पूछताछ में आरोपियों द्वारा चोरी की रकम खर्च करने के तरीके भी सामने आए। प्रदीप ने अपने घर में बोरिंग, मरम्मत और मोटर पंप लगवाने के साथ सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी। मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ ने दिल्ली से सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी थी। पुलिस को जानकारी मिली कि राहुल चोरी की नकदी और आभूषण परिजनों के पास रखने के बाद उन्हें लेकर फरार होने की तैयारी में था। इसके लिए इनोवा वाहन भी जुटाया गया था।
तड़के तीन बजे रास्ते में ही घेर लिया
पुलिस को आरोपियों की आवाजाही की सूचना मिली तो संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई। रात करीब 3 बजे घेराबंदी कर चोरी का माल लेकर जा रहे आरोपियों और सहयोगियों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के बिस्किट, एक्सयूवी कार, सुपर स्प्लेंडर बाइक, इनोवा वाहन, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य करीब एक करोड़ रुपये बताया गया है।
नौ गिरफ्तार, सरगना की तलाश जारी
पुलिस ने प्रदीप कुमार चौधरी (20), सुजीत सिंह (32), सोनू जायसवाल (37), रविंद्र बंसोड़ (49), किरण बंसोड़ (48), आयुष बंसोड़ (29), रेखचंद्र देवांगन (26), आकाश कुमार श्रीपाद (26) और अमन सिंह (25) को गिरफ्तार किया है। इनमें ज्वेलर्स, चोरी का सामान छिपाने और बेचने में सहयोग करने वाले तथा फरार आरोपी को मदद पहुंचाने वाले लोग शामिल हैं। मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार तलाश कर रही हैं।
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