बीएसपी कॉपर चोरी कांड का खुलासा: दो महीने बाद गिरोह के दो और सदस्य गिरफ्तार

210 किलो स्क्रैप कॉपर चोरी मामले में अब तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, सीआईएसएफ की शिकायत पर हुई कार्रवाई

बीएसपी कॉपर चोरी कांड का खुलासा: दो महीने बाद गिरोह के दो और सदस्य गिरफ्तार

दुर्ग-भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में घुसकर लाखों रुपये मूल्य का स्क्रैप कॉपर चोरी करने वाले गिरोह के दो फरार आरोपियों को भिलाई भट्ठी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी करीब दो महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। इस मामले में मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार अब वारदात में शामिल तीनों आरोपी न्यायिक कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं।

24 मई को प्लेट मिल-03 के पीछे हुई थी वारदात

पुलिस के मुताबिक 24 मई 2026 को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने बीएसपी के प्लेट मिल-03 क्षेत्र के पीछे कुछ लोगों को अवैध रूप से प्लांट परिसर में प्रवेश कर स्क्रैप कॉपर चोरी करते हुए देखा था। इसके बाद सीआईएसएफ ने भिलाई भट्ठी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मुख्य आरोपी से बरामद हुआ था कॉपर

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी नेमचंद यादव (32) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 210 किलो स्क्रैप कॉपर बरामद किया था। जब्त कॉपर की अनुमानित कीमत करीब ₹1.26 लाख आंकी गई। आरोपी को उसी दिन न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी पुलिस

वारदात में शामिल आकाश कुहीकर (34) निवासी कुरूद और प्रीतम कुमार उर्फ पंचू निषाद (31) निवासी मरोदा घटना के बाद से फरार थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। 27 जुलाई को दोनों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

सुनियोजित तरीके से की गई थी चोरी की कोशिश

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर बिना अनुमति बीएसपी परिसर में प्रवेश किया और वहां रखे स्क्रैप कॉपर को चोरी करने की योजना बनाई थी। इसी दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें देख लिया और कार्रवाई की।

न्यायिक रिमांड पर भेजे गए दोनों आरोपी

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी कर आरोपपत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।