लोकसभा में उठा नोरा फतेही के अश्लील गाने का मुद्दा , सरकार ने लगाया बैन, अश्विनी वैष्णव बोले- कुछ भी नहीं परोस सकते…
नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने 'सरके चुनर' को सरकार ने बैन कर दिया है। इसको लेकर पिछले दिनों से लगातार चल रहे विवाद के बाद ये फैसला लिया गया है। लोकसभा में भी ये मुद्दा गूंजा है।
संजय दत्त की आने वाली फिल्म 'केडी: द डेविल' का आइटम नंबर "सरके चुनर" अब कानूनी और प्रशासनिक फंदे में पूरी तरह फंस चुका है। सोशल मीडिया पर हफ्तों से चल रहे जनता के गुस्से के बाद, अब केंद्र सरकार ने इस पर कड़ा एक्शन लिया है। लोकसभा के वर्तमान सत्र में इस गाने की अश्लीलता का मुद्दा उठा, जिसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया कि समाज और संस्कृति की मर्यादा को ताक पर रखकर कुछ भी परोसने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
संसद में गूंजी विरोध की आवाज
लोकसभा में इस विवादित गाने का मुद्दा समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने उठाया। उन्होंने गाने के बोल और इसके समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक असर पर चिंता जताई। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन को संबोधित करते हुए एक बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि इस गाने को पहले ही बैन किया जा चुका है और इसे सभी प्लेटफॉर्म्स से हटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
अश्विनी वैष्णव ने कड़े शब्दों में कहा, "मैं पूरे सदन को विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Expression) हमारे लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इसे पूरी तरह निरंकुश नहीं होने दिया जा सकता। रचनात्मकता के नाम पर अश्लीलता नहीं फैलाई जा सकती। हर कलाकार को समाज और संस्कृति के दायरे में रहकर अपनी कला पेश करनी चाहिए।"
यूट्यूब और इंस्टाग्राम से हटाया गया गाना
बता दें कि नोरा फतेही पर फिल्माए गए इस गाने की 'डबल मीनिंग' और आपत्तिजनक लिरिक्स को लेकर लोग पिछले कई दिनों से इसे बैन करने की मांग कर रहे थे। सरकार के आदेश के बाद अब यह गाना यूट्यूब और अन्य म्यूजिक स्ट्रीमिंग एप्स से हटा दिया गया है। बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस अभी भी थमी नहीं है।
लेखक ने झाड़ा पल्ला, मांगी माफी
मामला बढ़ता देख गाने के लेखक रकीब आलम ने भी सफाई पेश की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि ये विवादित बोल उनके नहीं हैं। रकीब का दावा है कि फिल्म के निर्देशक ने इसे कन्नड़ भाषा में लिखा था और उन्होंने केवल इसका हिंदी में अनुवाद किया था। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि इन शब्दों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।
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