"हेलमेट से बची मेरी जान, आप भी जीवन को सुरक्षित करें" – अमिताभ भट्टाचार्य
भिलाई में चल रहा ‘नो हेलमेट–नो पेट्रोल’ अभियान युवाओं के लिए सबक; हादसे में बचने के बाद लोगों को कर रहे जागरूक
भिलाई में ट्रैफिक पुलिस का ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान असर दिखा रहा है। इसी कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ भट्टाचार्य ने युवाओं को संदेश दिया है कि हेलमेट जीवन की सुरक्षा कवच है। उन्होंने बताया कि 2006 में हुए एक बड़े सड़क हादसे में उनकी जान सिर्फ हेलमेट की वजह से बच पाई थी।
भिलाई। भिलाई-दुर्ग में इन दिनों ट्रैफिक पुलिस का जागरूकता अभियान ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ चर्चा में है। प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों की सख्ती के बाद अब लोग हेलमेट पहनने को गंभीरता से ले रहे हैं।
इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ भट्टाचार्य ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है। उन्होंने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि साल 2006 में उनका गंभीर सड़क हादसा हुआ था। उस समय उन्होंने हेलमेट पहन रखा था, जिसकी वजह से उनका जीवन बच गया।
अमिताभ ने कहा कि हादसे के बाद से उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्कूलों, कॉलेजों और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार ट्रैफिक सुरक्षा पर जागरूकता फैलाते रहेंगे। उनका मानना है कि हेलमेट न पहनने की छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार, खासकर मां-बाप को आजीवन दुख दे जाती है।
उन्होंने युवाओं और नागरिकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की। साथ ही IIT भिलाई से आग्रह किया कि वे ऐसी तकनीक विकसित करें जिसमें बिना हेलमेट लगाए बाइक स्टार्ट ही न हो। उनका कहना है कि इससे लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है और भिलाई का नाम विश्व स्तर पर रोशन होगा। अमिताभ लगातार प्रशासन के साथ मिलकर हेलमेट की अहमियत समझाने में जुटे हुए हैं।
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