अमेरिकी चुनाव से पहले ईरान में विस्फोट, केश्म द्वीप पर पांच धमाकों से बढ़ा तनाव

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी हमले का किया दावा, ईरान ने दो ड्रोन गिराने की बात कही

अमेरिकी चुनाव से पहले ईरान में विस्फोट, केश्म द्वीप पर पांच धमाकों से बढ़ा तनाव

तेहरान (ए)। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान शुरू होने से पहले पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। सोमवार को ईरान के केश्म द्वीप पर कम से कम पांच जोरदार धमाकों की खबर सामने आई। इसके साथ ही बंदर लेंगेह शहर में भी विस्फोट होने की सूचना मिली। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में इन घटनाओं को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जोड़कर देखा गया है। हालांकि, ईरानी मीडिया ने अभी तक किसी बाहरी देश की भूमिका की पुष्टि नहीं की है।

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि केश्म द्वीप पर हमला अमेरिका ने किया। दूसरी ओर ईरान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में दो अमेरिकी जासूसी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने ड्रोन गिराने से संबंधित फुटेज जारी किया है। धमाकों के बाद द्वीप पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भीड़ जुट गई और स्थानीय लोग एहतियातन ईंधन का इंतजाम करते नजर आए।

केश्म द्वीप की भौगोलिक स्थिति इसे सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। करीब 1,445 वर्ग किलोमीटर में फैला यह द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास स्थित है। दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल इस समुद्री रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने द्वीप पर भूमिगत सुरंगों और प्राकृतिक नमक की गुफाओं का इस्तेमाल सैन्य ढांचे के लिए किया है। यहां तटीय मिसाइलें और तेज गति वाली सैन्य नौकाएं छिपाकर रखने की खबरें भी सामने आती रही हैं। रणनीतिक रूप से यह क्षेत्र ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर दबाव बनाने की क्षमता देता है। यही वजह है कि केश्म द्वीप को लेकर अमेरिका की चिंता बनी रहती है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। सोमवार को उन्होंने कहा कि अमेरिका फिलहाल ईरान पर नए हमले की योजना नहीं बना रहा है। मिडटर्म चुनाव के बाद सैन्य कार्रवाई किए जाने के सवाल पर भी उन्होंने इससे इनकार किया। ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान समझौते के लिए इच्छुक है और दोनों देशों के बीच बड़े युद्ध की आशंका कम हो रही है।

ट्रंप के मुताबिक, तनाव कम होने के संकेतों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई है। 31 अक्टूबर को 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा तेल का भाव 1 नवंबर को घटकर 108 डॉलर पर आ गया था। हालांकि, केश्म द्वीप पर हुए धमाकों और ड्रोन गिराने के ईरान के दावे के बाद अमेरिका-ईरान संबंधों में आगे क्या रुख रहेगा, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है।