डीजल के लिए पार्षद को मांगनी पड़ी भीख, नगर निगम भिलाई की माली हालत पर उठे सवाल
वॉटर टैंकर में ईंधन नहीं होने से शादी समारोह में नहीं पहुंचा पानी, वार्ड 15 के पार्षद साई मंदिर के सामने बैठे हाथ फैलाकर
भिलाई। नगर निगम भिलाई की आर्थिक स्थिति को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। वार्ड 15 में वॉटर टैंकर के लिए डीजल नहीं होने की बात सामने आने के बाद पार्षद ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया और मंदिर के सामने बैठकर भीख मांगनी शुरू कर दी। मामला सामने आते ही निगम की कार्यप्रणाली और वित्तीय हालात पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर निगम भिलाई में डीजल संकट का मामला अब सियासी और प्रशासनिक बहस का मुद्दा बन गया है। वार्ड 15 के पार्षद संतोष मौर्य ने आरोप लगाया कि निगम के पास वॉटर टैंकर चलाने तक के लिए डीजल नहीं है। उनके वार्ड में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान पानी की जरूरत पड़ी, लेकिन जब निगम में वॉटर टैंकर के लिए संपर्क किया गया तो जवाब मिला कि गाड़ी में डीजल नहीं है, इसलिए टैंकर नहीं भेजा जा सकता।
इस स्थिति से नाराज पार्षद संतोष मौर्य ने विरोध स्वरूप वार्ड स्थित साई मंदिर के सामने बैठकर भीख मांगनी शुरू कर दी। पार्षद का कहना है कि लोगों से मिले पैसों से वे टैंकर में डीजल भरवाकर अपने वार्ड में पानी की आपूर्ति कराएंगे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें पैसे भी दिए।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। भाजपा पार्षद महेश वर्मा ने शहर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर निगम को कंगाल बना दिया गया है। निगम के पास न कर्मचारियों के वेतन के लिए पैसा है और न ही गाड़ियों में ईंधन भराने के लिए। उन्होंने कहा कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में पार्षदों को भीख मांगकर ही जनता की समस्याएं सुलझानी पड़ेंगी।
वहीं पूरे मामले पर नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि नगर निगम एक स्वायत्त संस्था है, जो शहरवासियों द्वारा दिए गए कर से संचालित होती है। डीजल और पेट्रोल आपूर्ति से जुड़ी कुछ बकाया राशि के कारण अस्थायी अव्यवस्था उत्पन्न हुई थी, लेकिन निगम आयुक्त के निर्देश पर बकाया भुगतान करा दिया गया है। इसके बाद ईंधन की आपूर्ति पुनः शुरू कर दी गई है।
हालांकि इस घटना ने नगर निगम की व्यवस्थाओं और वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
suntimes 