दुर्ग में गणेशोत्सव की तैयारियों को मिली विधिवत शुरुआत, भूमि पूजन समारोह हुआ सम्पन्न
पद्मनाभपुर मिनी स्टेडियम में प्रथम वर्ष की गणेश स्थापना हेतु भूमि पूजन; विधायक गजेंद्र यादव रहे मुख्य अतिथि, 26 अगस्त से प्रारंभ होगा भव्य आयोजन
दुर्ग के पद्मनाभपुर में आगामी गणेश चतुर्थी पर्व पर आयोजित होने वाले भव्य गणेशोत्सव की तैयारियों का शुभारंभ भूमि पूजन के साथ हुआ। दक्षिण कौशल गणेश उत्सव समिति द्वारा 3 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त में विधिवत पूजन कर गणेश स्थापना की नींव रखी गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामय बना दिया।
दुर्ग। पद्मनाभपुर स्थित मिनी स्टेडियम में इस वर्ष पहली बार आयोजित होने जा रहे गणेशोत्सव की तैयारियों का शुभारंभ दक्षिण कौशल गणेश उत्सव समिति द्वारा भूमि पूजन के साथ किया गया। रविवार, 3 अगस्त 2025 को अभिजीत मुहूर्त में आयोजित इस पूजन कार्यक्रम में धार्मिक विधियों के साथ श्री गणेश स्थापना हेतु स्थल का शुद्धिकरण और पूजा सम्पन्न की गई।
इस अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक गजेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग की अध्यक्ष सुश्री नीता जैन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि सचिव श्री रविशंकर सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मंच पर पार्षद श्री संजय अग्रवाल (वार्ड 45), श्री लीलाधर पाल (वार्ड 46), एमआईसी सदस्य श्री निलेश अग्रवाल, पार्षद श्री दीपक साहू, पूर्व पार्षद श्री रत्नाकर राव, राजेश शर्मा, संभाग अध्यक्ष डॉ. भारती साहू, श्री विश्वास चंद्राकर, अनिल जायसवाल (कोषाध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ) सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
समिति अध्यक्ष श्री संजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में विजय अग्रवाल, संतोष खिरोड़कर, प्रदीप चौहान, निकेश साहू, गोपाल शर्मा, बंटी भाटिया, हीरेंद्र क्षत्रिय, यशोदा व सीखा चंद्राकर, तुषार चंद्राकर, लता नवघरे, धीरज शर्मा, राजू राठी, प्रवीण परगनिया, रोशन जैन, पिंकी चौहान, डॉ. ऋषिकार, अदिति खारपा, प्रेमलता ठाकुर, जीवेश चंद्राकर, सिराज समेत समिति के अनेक सदस्य इस आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल रहे।
गणेशोत्सव का आयोजन 26 अगस्त से शुरू होगा, जिसमें भव्य गणेश प्रतिमा की स्थापना के साथ-साथ सुंदर झांकी और विविध सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी प्रस्तावित है। भूमि पूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के नागरिकों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस प्रथम वर्ष के आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
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