दुर्ग में विवेचकों को सख्त संदेश, एसएसपी ने सिखाया त्रुटिरहित जांच का पाठ

एनडीपीएस मामलों में कानून के अक्षरशः पालन पर जोर, दस्तावेजों में ओवरराइटिंग से बचने के निर्देश

दुर्ग में विवेचकों को सख्त संदेश, एसएसपी ने सिखाया त्रुटिरहित जांच का पाठ

*दुर्ग जिले में अपराधों की प्रभावी विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। एसएसपी विजय अग्रवाल ने शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण सत्र में विवेचकों को जांच के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, साक्ष्य संकलन की शुद्धता और कानूनी प्रक्रियाओं के सटीक पालन के महत्व से अवगत कराया।*

दुर्ग। पुरानी पुलिस लाइन स्थित प्रशासनिक भवन में शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने जिले के पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को क्राइम से जुड़े मामलों में विवेचना की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने घटनास्थल पर ही स्पष्ट, त्रुटिरहित और विधिसम्मत दस्तावेज तैयार करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी पूरे मामले को कमजोर कर सकती है।

एसएसपी ने विशेष रूप से एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामलों में कानूनी प्रावधानों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों से जुड़े प्रकरणों में ओवरराइटिंग, अधूरी प्रक्रिया या तकनीकी त्रुटि के कारण आरोपी को लाभ मिल सकता है, इसलिए विवेचकों को शुरू से अंत तक अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए।

प्रशिक्षण के दौरान नशीली टेबलेट और कैप्सूल मामलों में की जाने वाली कार्यवाही, धारा 50 के अंतर्गत व्यक्तिगत तलाशी की प्रक्रिया, घटनास्थल पर सटीक पंचनामा तैयार करने तथा ओवरराइटिंग से बचने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

एसएसपी अग्रवाल ने सेंपलिंग के बाद जब्त मादक पदार्थों को तत्काल एफएसएल भेजने, संपत्ति पत्रक में विधिवत सील लगाने तथा साक्ष्यों की शुचिता और चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने धारा 42, 50, 52-ए, 55 और 57 एनडीपीएस एक्ट की विवेचना प्रक्रिया को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

इसके साथ ही, एक से अधिक आरोपियों से जुड़े मामलों में धारा 29 के तहत साजिश संबंधी कार्यवाही करने, आगजनी प्रकरणों में क्षतिग्रस्त संपत्ति का स्पष्ट विवरण दर्ज करने, मर्ग जांच में परिस्थितिजन्य तथ्यों का उल्लेख करने और आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।

एसएसपी ने कहा कि विवेचना का अंतिम लक्ष्य आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाना होना चाहिए, न कि केवल केस दर्ज करना। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) दुर्ग चंद्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित लगभग 75 पुलिस अधिकारी एवं विवेचक उपस्थित रहे।