फेसबुक विज्ञापन बना जाल: भिलाई स्टील प्लांट के सेवानिवृत्त कर्मी से 37 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक विज्ञापन बना जाल: भिलाई स्टील प्लांट के सेवानिवृत्त कर्मी से 37 लाख की साइबर ठगी

दुर्ग–भिलाई। ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगों ने भिलाई स्टील प्लांट के एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग कर्मचारी को बड़ा झटका दिया है। फेसबुक पर दिखे एक आकर्षक विज्ञापन के झांसे में आकर पीड़ित ने अपनी जीवनभर की बचत ठगों को सौंप दी। अलग–अलग फर्जी कंपनियों में निवेश कराकर ठगों ने कुल 37 लाख 51 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

नेवई थाना क्षेत्र का मामला, बुजुर्ग ने दर्ज कराई शिकायत

यह मामला नेवई थाना क्षेत्र का है। रिसाली प्रगति नगर निवासी निरंजन प्रसाद दास (68 वर्ष) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित भिलाई स्टील प्लांट से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और सुरक्षित निवेश की तलाश में सोशल मीडिया पर ठगों के संपर्क में आ गए।

फेसबुक पर दिखा निवेश का विज्ञापन, यहीं से शुरू हुई ठगी

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2024 में फेसबुक देखते समय उन्हें एक विज्ञापन नजर आया, जिसमें बैंक से अधिक लाभ देने वाले निवेश का दावा किया गया था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों का प्रतिनिधि बताने वाले लोगों ने उन्हें भरोसे में ले लिया।

यूपीआई और बैंक खातों से कराए गए लाखों के ट्रांजैक्शन

ठगों ने अलग–अलग चरणों में पीड़ित और उनकी पत्नी के बैंक खातों से यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से कुल 37 लाख 51 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। निवेश को सुरक्षित और लाभदायक बताते हुए लगातार दबाव बनाया गया।

छह फर्जी कंपनियों में कराया निवेश

ठगों ने जिन कंपनियों के नाम पर रकम जमा कराई, उनमें सीटी धन (पुणे), शास्तिक ग्लोबल एलएलपी (चेन्नई), विश्वास वर्ल्ड टेक (बेंगलुरु), मारवलस मुनिस (इंदौर), वेदिका पार्टनर्स (इंदौर) और नेक्स्ट इन टेक्नोलॉजी (इंदौर) शामिल हैं। जांच में इन सभी कंपनियों के फर्जी होने की आशंका जताई जा रही है।

शुरुआत में मिला रिटर्न, फिर ठग हुए फरार

पीड़ित के मुताबिक, शुरुआती कुछ महीनों तक उन्हें करीब 4 प्रतिशत मासिक रिटर्न भी दिया गया, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया। लेकिन पिछले चार–पांच महीनों से न तो कोई भुगतान मिला और न ही कॉल का जवाब। बाद में सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध, जांच जारी

नेवई थाना पुलिस ने मामले में धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साइबर सेल की मदद से खातों और लेन–देन की जांच की जा रही है।