भिलाई इस्पात संयंत्र की यूआरएम यूनिट ने 5 मिलियन टन रेल उत्पादन का रचा इतिहास

केवल आठ वर्षों में हासिल की बड़ी उपलब्धि, भारतीय रेल निर्माण को मिला नया संबल

भिलाई इस्पात संयंत्र की यूआरएम यूनिट ने 5 मिलियन टन रेल उत्पादन का रचा इतिहास

भिलाई इस्पात संयंत्र की अत्याधुनिक यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) ने 22 मई 2025 को 5 मिलियन टन प्राइम रेल उत्पादन का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 2016 में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत के बाद मात्र आठ वर्षों में यह उपलब्धि हासिल कर यूआरएम ने भारतीय रेलवे के विकास में मील का पत्थर जोड़ा है।

भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) ने 5 मिलियन टन प्राइम रेल का निर्माण कर रेल उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि महज आठ वर्षों में हासिल की गई, जिसने संयंत्र को न केवल तकनीकी दक्षता का प्रतीक बनाया, बल्कि भारतीय रेलवे की बुनियादी जरूरतों को भी मजबूती दी है।

इस अवसर पर संयंत्र परिसर में आयोजित समारोह में कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए.के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं प्रशासन) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, और कार्यपालक निदेशक (माइन्स) श्री बी.के. गिरि सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महाप्रबंधक प्रभारी (यूआरएम) श्री विशाल गुप्ता और टीम के अन्य सदस्यों को शुभकामनाएँ दी गईं।

यूआरएम की स्थापना उच्च गुणवत्ता की रेलों की मांग को पूरा करने के उद्देश्य से की गई थी। इस यूनिट ने आरंभ से ही तकनीकी नवाचार, दक्ष संचालन, और संरचनात्मक विकास में उल्लेखनीय कार्य किया है। तकनीकी जटिलताओं के बावजूद यूनिट ने निरंतर प्रक्रिया सुधार और गुणवत्ता उन्नयन के माध्यम से सफलता प्राप्त की है।

यूआरएम ने ग्रेड 880 से लेकर R260, R350HT, और R350NC तक के उच्च मानकों वाली रेलों का उत्पादन किया है। UIC-60 से 60E1 प्रोफाइल, NCC वेल्ड जॉइंट्स का ऑफलाइन हीट ट्रीटमेंट, और RDCIS के सहयोग से उत्पाद विकास इस यूनिट को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाते हैं।

गुणवत्ता के मोर्चे पर भी यूनिट ने उल्लेखनीय प्रगति की है। जहां 2017-18 में गुणवत्ता स्वीकृति दर 82% थी, वहीं अब यह बढ़कर 96% हो चुकी है—जो कि वैश्विक मानकों के अनुरूप है। यह सफलता निरंतर प्रशिक्षण, संवाद, और प्रक्रिया सुधार के परिणामस्वरूप प्राप्त हुई है।

यूआरएम ने न केवल उत्पादन में उत्कृष्टता दिखाई है, बल्कि कार्यस्थल की सुरक्षा, स्वच्छता, और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। संयंत्र का परिधीय क्षेत्र अब एक आधुनिक, सुरक्षित और प्रेरणादायक कार्यस्थल के रूप में स्थापित हो चुका है।