दुर्ग जेल में सुबह 6 बजे अचानक पहुंची पुलिस टीम, बैरकों से मिले दो मोबाइल

100 जवानों ने चलाया सघन सर्च ऑपरेशन; सिम, बीड़ी और चिलम भी बरामद, अब मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालेगा प्रशासन

दुर्ग जेल में सुबह 6 बजे अचानक पहुंची पुलिस टीम, बैरकों से मिले दो मोबाइल

दुर्ग। केंद्रीय जेल दुर्ग में गुरुवार सुबह उस समय हलचल बढ़ गई, जब जिला प्रशासन और पुलिस की करीब 100 सदस्यीय टीम ने अचानक पहुंचकर जेल में व्यापक तलाशी शुरू कर दी। कलेक्टर अभिजीत सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में जेल की बैरकों सहित अलग-अलग हिस्सों की जांच की गई। टीम को दो मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, बीड़ी और चिलम मिली। बरामद सामग्री को जब्त कर उसका पंचनामा तैयार किया गया और पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया।

अचानक जेल पहुंची संयुक्त टीम

गुरुवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी-जवान केंद्रीय जेल पहुंचे। कार्रवाई पूरी तरह औचक रखी गई थी। टीम ने जेल परिसर में प्रवेश के बाद अलग-अलग दल बनाए और बैरकों की तलाशी शुरू की। कई स्थानों पर एक साथ जांच किए जाने से जेल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति रही।

प्रतिबंधित सामान की बरामदगी

तलाशी के दौरान टीम के हाथ दो मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड लगा। इसके अलावा बीड़ी और चिलम भी बरामद हुई। जेल में बंदियों के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित होने के कारण इनकी बरामदगी को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जब्त सामग्री की सूची तैयार कर नियमानुसार पंचनामा बनाया गया।

किसके पास थे मोबाइल, जांच में खुलेगा राज

अब प्रशासन का ध्यान बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच पर है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि मोबाइल से किन नंबरों पर बातचीत हुई, सिम किसके नाम पर है और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया, इसकी पड़ताल की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

जेल में मोबाइल पहुंचने का रास्ता भी तलाशेंगे

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित मोबाइल और सिम जेल परिसर के अंदर किस माध्यम से पहुंचे। इसके लिए जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, तलाशी प्रक्रिया और संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल की जा सकती है। प्रशासन ने इस तरह की सामग्री की दोबारा अंदर पहुंच रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने को कहा

औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने जेल अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए। बाहर से प्रतिबंधित सामग्री जेल के भीतर न पहुंचे, इसके लिए निगरानी और तलाशी व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

जेल कर्मचारियों के क्वार्टर भी देखे

निरीक्षण के दौरान जेल की मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि जेल में बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त हैं। कर्मचारियों के लिए बनाए गए नए क्वार्टर तैयार हैं और उनका आवंटन जल्द शुरू किया जाएगा।