नए हफ्ते में बाजार की परीक्षा: GDP, टैरिफ और एक्सपायरी के बीच निफ्टी के लिए 26,000 की चुनौती

ट्रेड डील की अटकलें, विदेशी निवेशकों की चाल और अमेरिकी संकेत तय करेंगे बाजार की दिशा

नए हफ्ते में बाजार की परीक्षा: GDP, टैरिफ और एक्सपायरी के बीच निफ्टी के लिए 26,000 की चुनौती

शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह कई मायनों में निर्णायक रहने वाला है। वैश्विक स्तर पर टैरिफ को लेकर अनिश्चितता, देश में जारी होने वाले जीडीपी आंकड़े और डेरिवेटिव्स एक्सपायरी – ये सभी कारक निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी को मजबूती बनाए रखने के लिए 25,900–26,000 के दायरे को पार करना जरूरी होगा।

मुंबई (ए)। पिछले सप्ताह की सीमित बढ़त के बाद अब निवेशकों की निगाहें नए कारोबारी हफ्ते पर टिक गई हैं। 23 फरवरी से शुरू हो रहे सप्ताह में घरेलू और वैश्विक स्तर पर कई अहम घटनाक्रम सामने आने वाले हैं, जिनका असर सीधे तौर पर शेयर बाजार पर पड़ सकता है।

  टैरिफ पर अनिश्चितता, ट्रेड डील पर उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति को लेकर वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। हालिया बयानों और दरों में बदलाव की चर्चाओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
हालांकि भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो इससे आईटी, फार्मा और निर्यात आधारित कंपनियों को राहत मिल सकती है।

 GDP और अन्य आर्थिक आंकड़े

इस सप्ताह सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) नई सीरीज के आधार पर जीडीपी अनुमान जारी करेगा। इसके अलावा बजट से जुड़े आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी सामने आएंगे।
ये डेटा यह संकेत देंगे कि आर्थिक मोर्चे पर देश की स्थिति कितनी मजबूत है और विकास दर किस दिशा में बढ़ रही है।

 एक्सपायरी वीक में बढ़ेगा उतार-चढ़ाव

फरवरी सीरीज की F&O एक्सपायरी 24 फरवरी को है। आमतौर पर एक्सपायरी सप्ताह में बाजार में तेज मूवमेंट देखने को मिलता है। ट्रेडर्स अपनी पोजीशन क्लोज या रोलओवर करते हैं, जिससे इंडेक्स में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है।

  विदेशी निवेशकों की भूमिका अहम

हालिया सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जबकि घरेलू संस्थानों ने खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। यदि एफआईआई की बिकवाली बढ़ती है तो बाजार पर दबाव बन सकता है, जबकि डीआईआई की खरीदारी संतुलन बनाए रख सकती है।

  तकनीकी स्तरों पर नजर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार 25,400–25,500 का दायरा निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। वहीं 25,900–26,000 के ऊपर टिकाव मिलने पर तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है। इसके नीचे फिसलन आने पर 25,100 तक गिरावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

  पिछले सप्ताह का प्रदर्शन

सेंसेक्स सीमित बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी हल्की मजबूती दर्ज की गई। हालांकि निवेशकों में सतर्कता बनी रही और वॉल्यूम सामान्य रहे।