पीएम-श्री स्कूलों की सख्त निगरानी: केंद्र की टीम करेगी सरप्राइज निरीक्षण
छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल 24 मानकों पर परखे जाएंगे; दुर्ग जिले के 17 संस्थान चिन्हित, कई जगह मैदान और लैब की कमी
छत्तीसगढ़ में संचालित पीएम-श्री स्कूलों की व्यवस्थाओं की अब केंद्र स्तर से गहन समीक्षा होगी। 16 से 25 फरवरी के बीच 341 स्कूलों में 24 सैचुरेशन बिंदुओं पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। दुर्ग जिले के 17 स्कूल विशेष निगरानी सूची में शामिल हैं, जहां आधारभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दुर्ग-भिलाई। प्रदेश में संचालित PM SHRI Schools की गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की अब केंद्र सरकार स्तर से जांच होगी। भारत सरकार के सचिव स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार 16 फरवरी से 25 फरवरी तक राज्य के 341 पीएम-श्री स्कूलों का 24 निर्धारित सैचुरेशन बिंदुओं पर सरप्राइज निरीक्षण किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता, अधोसंरचना, प्रयोगशालाओं, डिजिटल सुविधाओं, खेल मैदान, पेयजल और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। दुर्ग जिले के 17 स्कूलों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है।
हालांकि, जमीनी स्थिति कई स्थानों पर चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। दुर्ग जिले में कुछ स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। कई संस्थानों में खेल मैदान और बाउंड्रीवाल का अभाव है। अटल टिंकरिंग लैब, कंप्यूटर/आईसीटी लैब और इंटीग्रेटेड साइंस लैब जैसी अनिवार्य सुविधाएं भी सभी स्कूलों में उपलब्ध नहीं हैं। कुछ जगह शौचालय और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था अधूरी बताई जा रही है।
खुर्सीपार स्थित एक पीएम-श्री स्कूल में खेल मैदान नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े बच्चों को खेल गतिविधियों के लिए स्कूल परिसर से बाहर ले जाना पड़ता है, जबकि छोटे बच्चे कैंपस में टाइल्स लगे प्रार्थना स्थल पर ही खेलते हैं। स्कूल प्रबंधन ने अन्य सुविधाओं को संतोषजनक बताया है, लेकिन मैदान और अटल टिंकरिंग लैब की कमी स्वीकार की है।
केंद्रीय टीम के निरीक्षण के बाद स्कूलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।
suntimes 