नाबालिग चालकों पर दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन, 30 से अधिक छात्रों पर कार्रवाई; अभिभावकों की हुई काउंसलिंग

पुलिस-परिवहन विभाग के संयुक्त अभियान में 300 से अधिक वाहनों की जांच, 900 विद्यार्थियों और नागरिकों को सड़क सुरक्षा का दिया प्रशिक्षण

दुर्ग जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर दुर्ग पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन विभाग (आरटीओ) ने संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाते हुए नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। विभिन्न स्कूलों के आसपास और प्रमुख मार्गों पर हुई जांच में 30 से अधिक छात्र-छात्राएं बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाते मिले। सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की गई, वहीं अभिभावकों को बुलाकर काउंसलिंग की गई और भविष्य में बच्चों को वाहन नहीं देने का लिखित वचन भी लिया गया।

दुर्ग-भिलाई। जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की प्रवृत्ति रोकने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस एवं क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने संयुक्त रूप से विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया। स्कूलों के खुलने और छुट्टी के समय विभिन्न शिक्षण संस्थानों के आसपास तथा प्रमुख मार्गों पर जांच अभियान संचालित किया गया।

अभियान के दौरान करीब 300 से अधिक वाहनों की जांच की गई। जांच में 30 से अधिक नाबालिग छात्र-छात्राएं बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते पाए गए। इनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के बाद सभी नाबालिगों के अभिभावकों को कंट्रोल रूम सेक्टर-6 बुलाकर काउंसलिंग की गई। अधिकारियों ने उन्हें नाबालिग बच्चों को वाहन उपलब्ध कराने से होने वाले कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। साथ ही भविष्य में बच्चों को वाहन नहीं देने का लिखित वचन पत्र भी भरवाया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिग दोबारा वाहन चलाते पकड़ा जाता है तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए के तहत वाहन स्वामी या अभिभावक पर ₹25 हजार तक का जुर्माना, वाहन का पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई तथा आवश्यक होने पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत भी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

अभियान के समानांतर जनता स्कूल भिलाई-3, स्वामी आत्मानंद स्कूल फरीद नगर और रिसाली शीतला नगर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस दौरान करीब 900 विद्यार्थियों एवं नागरिकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा दोपहिया वाहन पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी नहीं बैठाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई।

इसके अलावा स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए कि वे अभिभावकों के साथ नियमित बैठक कर सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा ऑटो और वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने जैसी लापरवाही पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

दुर्ग पुलिस और परिवहन विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन चलाने के लिए न दें, क्योंकि यह कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ बच्चों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर इस तरह के संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।