बिलासपुर में बीट सिस्टम की वापसी, पुलिसिंग होगी और सख्त
तीन शिफ्ट में होगी गश्त, हेड-कॉन्स्टेबल और आरक्षक फील्ड में उतरेंगे; तकनीकी निर्भरता से हटकर जमीनी निगरानी पर जोर
अपराधों पर लगाम कसने और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ने एक बार फिर पारंपरिक बीट प्रणाली को सक्रिय कर दिया है। लंबे समय से सुस्त पड़ी इस व्यवस्था को नए बदलावों के साथ लागू किया गया है, ताकि पुलिस की मौजूदगी सीधे मोहल्लों और गलियों तक दिखाई दे।
बिलासपुर।जिले में पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार से सभी थाना क्षेत्रों में बीट गश्त व्यवस्था दोबारा शुरू कर दी गई है। मंगलवार शाम एसएसपी रजनेश सिंह ने बाइक सवार बीट प्रभारियों को हरी झंडी दिखाकर फील्ड में रवाना किया। इसके साथ ही पुलिस जवान अपने-अपने तय क्षेत्रों में नियमित गश्त करते नजर आएंगे।
नई व्यवस्था के तहत जिले के सभी थानों में बीट सिस्टम लागू कर दिया गया है। जवान तीन शिफ्ट में बीट की निगरानी करेंगे और अपने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों, गुंडे-बदमाशों और चोरी जैसी घटनाओं पर लगातार नजर रखेंगे। किसी भी वारदात की स्थिति में स्थानीय मुखबिर तंत्र को तत्काल सक्रिय कर आरोपियों तक पहुंचने की रणनीति अपनाई जाएगी।
पहले से ज्यादा सक्रिय होगी बीट व्यवस्था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीट प्रणाली को इस बार पहले से अधिक व्यावहारिक और असरदार बनाने की कोशिश की गई है। हालांकि, पुलिस बल की कमी के चलते हेड-कॉन्स्टेबल (हवलदार) को भी बीट प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ गई हैं।
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