CAF भर्ती को लेकर उबाल: 7 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का HM हाउस घेराव, पुलिस से तीखी झड़प
वेटिंग लिस्ट में शामिल 417 कैंडिडेट्स ने परिवार के साथ किया प्रदर्शन, मुलाकात की मांग पर अड़े रहे, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया
*छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) भर्ती प्रक्रिया में वर्षों से लंबित नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश अब सड़कों पर खुलकर सामने आ गया है। नौकरी की मांग को लेकर राजधानी रायपुर में गृहमंत्री के बंगले का घेराव करने पहुंचे CAF कैंडिडेट्स और पुलिस अधिकारियों के बीच मंगलवार को तीखी झड़प देखने को मिली। हालात तब बिगड़े जब मुलाकात की मांग पर अड़े अभ्यर्थियों को पुलिस ने बलपूर्वक खदेड़ दिया।*
रायपुर। रायपुर में CAF भर्ती को लेकर वर्षों से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के 1786 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई थी, लेकिन वेटिंग लिस्ट में शामिल करीब 417 अभ्यर्थियों को आज तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। हैरानी की बात यह है कि CAF में वर्तमान में 3 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके बावजूद वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों को मौका नहीं दिया गया।
कई अभ्यर्थी पिछले सात वर्षों से लगातार मंत्रालय, पुलिस मुख्यालय और जनप्रतिनिधियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कुछ ने उम्मीद छोड़कर दूसरा करियर विकल्प भी चुन लिया है, जबकि कई आज भी नौकरी की आस में संघर्षरत हैं।
पिछले एक महीने से CAF कैंडिडेट्स अपने परिवार और बच्चों के साथ तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को वे चौथी बार अपनी मांगों को लेकर गृहमंत्री निवास पहुंचे और गृहमंत्री विजय शर्मा से सीधी मुलाकात की मांग करने लगे।
स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस अधिकारियों और अभ्यर्थियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। कैंडिडेट्स का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और बच्चों पर भी पुलिस ने जोर-जबरदस्ती की। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से मुलाकात की मांग कर रहे लोगों पर बल प्रयोग अनुचित है।
हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के नाम पर प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक वहां से हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक गृहमंत्री से मुलाकात कर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। इससे पहले दो बार गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात में उन्हें आश्वासन मिला था, लेकिन तीसरी बार मुलाकात नहीं हो सकी, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी और गहरी हो गई है।
फिलहाल CAF भर्ती को लेकर विवाद और आंदोलन दोनों तेज होते नजर आ रहे हैं, और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
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