छठ पूजा आस्था, संयम और मातृशक्ति का प्रतीक : अरुण वोरा
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने दी प्रदेशवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं, व्रतधारिणी माताओं के तप और श्रद्धा को किया नमन
छठ पर्व के पावन अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा, प्रकृति उपासना और मातृशक्ति के अदम्य संकल्प का प्रतीक है।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने छठ पूजा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि छठ पर्व आस्था, संयम और आत्मिक शुद्धि का अद्वितीय संगम है। यह पर्व न केवल सूर्य उपासना का उत्सव है, बल्कि प्रकृति और मातृशक्ति के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक भी है।
वोरा ने कहा कि छठ व्रत रखने वाली माताएं और बहनें अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगल की कामना के लिए कठोर नियमों और उपवास का पालन करती हैं। उनका तप, श्रद्धा और समर्पण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा, “हम सभी को इन व्रतधारिणी माताओं से प्रेरणा लेकर जीवन में सकारात्मकता, निष्ठा और सेवा का भाव अपनाना चाहिए। मैं छठी मईया से प्रार्थना करता हूं कि सभी व्रतधारिणी महिलाओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों और हर घर में खुशहाली बनी रहे।”
वोरा ने आगे कहा कि छठ पूजा भारतीय संस्कृति की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक है, जो सूर्य, जल, वायु और धरती जैसे प्राकृतिक तत्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती है।
अंत में उन्होंने अपने संदेश में कहा —
“भगवान भास्कर का दिव्य प्रकाश सभी के जीवन को आलोकित करे,
हर प्रभात नई ऊर्जा, नई आशा और नए अवसर लेकर आए।
सभी प्रदेशवासियों को छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।”
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