छत्तीसगढ़ में मंत्री पद को लेकर सियासी हलचल, रमन सिंह ने दी न्यायालय पर भरोसा रखने की सलाह

छत्तीसगढ़ में मंत्री पद को लेकर सियासी हलचल, रमन सिंह ने दी न्यायालय पर भरोसा रखने की सलाह

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में 14 मंत्रियों के गठन को लेकर मचा सियासी घमासान जारी है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, इस मामले में जो लोग बोल रहे हैं, उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा रखना चाहिए।  

रमन सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि हरियाणा में 13.5 की बजाय 14 मंत्रियों की व्यवस्था सालों से चल रही है और अगर कोई कोर्ट में जा रहा है, तो वह अपना हक इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन न्यायालय का फैसला ही अंतिम होगा, इसमें किसी भी प्रकार की चिंता की बात नहीं है।   

14 मंत्री होते हैं तो यह अच्छा- रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि, अगर कैबिनेट में 14 मंत्री होते हैं तो यह अच्छा ही है। महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाए जाने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि, मैं छत्तीसगढ़ में भला हूं, विधानसभा बढ़िया से चल रही है, पक्ष-विपक्ष दोनों हैं और जब अध्यक्ष निष्पक्ष होता है, तो सब ठीक चलता है। मीडिया वाले कभी कुछ बना देते हैं तो कभी कुछ, लेकिन मेरा आग्रह है कि मुझे छत्तीसगढ़ में ही रहने दिया जाए।  

कांग्रेस ने हाईकोर्ट में लगाई है जनहित याचिका

बता दें कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में कुछ दिनों पहले 3 नए मंत्री बनाए गए हैं। इससे कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 11 से 14 हो गई है। कांग्रेस ने इसके विरोध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई है। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्यमंत्री समेत सभी 14 मंत्रियों को पक्षकार बनाया गया है।  

नियम के अनुसार प्रदेश में मंत्रियों की संख्या विधायकों की संख्या के 15% से ज्यादा नहीं हो सकती। 90 सीटों के हिसाब से इसका रेश्यो 13.5 आता है। इस आधार पर कांग्रेस विरोध कर रही है। वहीं भाजपा ने हरियाणा फार्मूले का हवाला दिया है।