नक्सल क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों पर शोध के लिए सीनी करुणानिधि को पीएचडी

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से मिली उपाधि, सुरक्षा-बोध और समायोजन क्षमता पर केंद्रित रहा शोध

नक्सल क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों पर शोध के लिए सीनी करुणानिधि को पीएचडी

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की मानसिक सुरक्षा, असुरक्षा की भावना और समायोजन क्षमता पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण शोध को अकादमिक मान्यता मिली है। भिलाई के मैत्री कॉलेज, रिसाली की सहायक प्राध्यापक श्रीमती सीनी करुणानिधि को इस शोध के लिए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।

भिलाई। मैत्री कॉलेज, रिसाली की सहायक प्राध्यापक श्रीमती सीनी करुणानिधि को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने “नक्सल क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों में सुरक्षा-असुरक्षा की भावना एवं समायोजन का उनकी पूर्ण कुशलता पर प्रभाव” विषय पर शोध कार्य किया।

यह शोध बी.एड. विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभा आर. कुरुप के निर्देशन तथा कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय की डॉ. के. नागमणि के सह-निर्देशन में संपन्न हुआ। शोध के निष्कर्ष नक्सल प्रभावित इलाकों में अध्ययनरत आदिवासी विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक स्थिति, सुरक्षा-बोध, सामाजिक समायोजन और समग्र दक्षता को समझने में सहायक माने जा रहे हैं।

शोध उपलब्धि पर मैत्री एजुकेशनल एंड कल्चरल एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती राजम सुधाकरन, प्रबंधकगण डॉ. सजिता थम्बी, श्री एस. सजीव एवं श्री एस. साजन, तथा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुरेखा विनोद पाटिल सहित समस्त महाविद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं।

अपनी इस अकादमिक सफलता का श्रेय श्रीमती सीनी करुणानिधि ने अपने पिता स्व. पी. के. राधवन एवं माता श्रीमती पी. के. सरोजनी के आशीर्वाद को दिया। साथ ही उन्होंने अपने पति श्री के. सी. करूणानिधि एवं परिवारजनों के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।