बारिश के बीच छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 12 जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट

40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा, कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना; महादेवघाट का रास्ता खुला

बारिश के बीच छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 12 जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट

रायपुर। प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव सहित 12 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है।

जिन जिलों में तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है, उनमें रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली शामिल हैं। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।

महादेवघाट में पानी उतरने से मिली राहत

रायपुर में लगातार बारिश के बाद महादेवघाट पुल पर बढ़ा पानी अब नीचे उतर गया है। इसके साथ ही अमलेश्वर की ओर जाने वाले मार्ग पर दो दिन से बंद आवागमन बहाल कर दिया गया है। गणेश विसर्जन के मद्देनजर महादेवघाट में प्रवेश को लेकर व्यवस्था सीमित रखी गई है। फिलहाल केवल गणेश विसर्जन समितियों के सदस्यों को ही वहां जाने की अनुमति दी जा रही है।

बारिश के दौरान हादसों में गई तीन जानें

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उफनते नदी-नालों के कारण हादसे भी हुए हैं। अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जिनमें तीन की मौत हो गई। भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी थी। अब पानी कम होने के साथ राहत की स्थिति बन रही है।

बारिश के आंकड़ों में सामान्य से आगे निकला प्रदेश

छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून के दौरान सामान्य से ज्यादा वर्षा हुई है। 1 जून से 30 सितंबर तक औसतन 1132.3 मिमी बारिश का अनुमान रहता है, लेकिन 26 सितंबर तक ही प्रदेश में 1190.7 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य बारिश से 5.16 प्रतिशत अधिक है। मानसून सीजन समाप्त होने में चार दिन बाकी हैं।

मौसम खराब होने पर सतर्कता जरूरी

तेज हवा और बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर मकानों के आसपास खड़े होने से भी बचना चाहिए। बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन और जलभराव को देखते हुए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।