"यूरोलॉजी जागरूकता दिवस पर संदेश – झिझक छोड़िए, जांच कराइए... सेहत से बड़ा कुछ नहीं!"
आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दुर्ग के यूरोलॉजिस्ट डॉ. नवीन राम दारुका ने दी लोगों को जागरूक रहने की सलाह
दुर्ग। अक्सर लोग मूत्र या गुर्दे से जुड़ी परेशानियों को लेकर बात करने में झिझकते हैं। कई बार पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना या पीठ में दर्द जैसी समस्याओं को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। यूरोलॉजी जागरूकता दिवस के अवसर पर आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. नवीन राम दारुका ने लोगों से समय पर जांच और सही डॉक्टर से इलाज कराने की अपील की।
डॉ. दारुका ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान के कारण किडनी स्टोन, प्रोस्टेट और मूत्र संक्रमण जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा, "यूरोलॉजी से जुड़ी बीमारी शर्म की नहीं, समझदारी की बात है। अगर लक्षण नजर आएं तो तुरंत जांच कराएं, क्योंकि समय पर इलाज से बड़ी से बड़ी समस्या को भी रोका जा सकता है।"
उन्होंने यह भी बताया कि आजकल कई लोग बिना उचित विशेषज्ञता के खुद को यूरोलॉजी एक्सपर्ट बताने लगे हैं, जिससे मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता। डॉ. दारुका ने कहा कि असली यूरोलॉजिस्ट वही होता है जिसके पास MBBS के बाद MS (General Surgery) और फिर MCh या DNB (Urology) की डिग्री होती है।
डॉ. दारुका ने कहा, “मूत्र या किडनी से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज़ न करें। शर्म नहीं, जागरूकता आपकी सेहत की सबसे बड़ी सुरक्षा है।" उन्होंने बताया कि आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दुर्ग में अत्याधुनिक तकनीक से यूरोलॉजी संबंधी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। यहां किडनी, मूत्राशय और प्रोस्टेट से जुड़ी जटिल समस्याओं के लिए अनुभवी विशेषज्ञों की टीम कार्यरत है। कार्यक्रम का उद्देश्य था लोगों में यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और यह संदेश देना कि “सही डॉक्टर का चयन ही सही इलाज की शुरुआत है।"
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