रायगढ़ कार्बन प्लांट हादसा: बच्ची, पति-ससुर समेत चार की मौत, NH-49 पर चक्काजाम

रायगढ़ कार्बन प्लांट हादसा: बच्ची, पति-ससुर समेत चार की मौत, NH-49 पर चक्काजाम

50 लाख मुआवजा और नौकरी की मांग; कंपनी ने घोषित किए 12-12 लाख, परिजन बोले—सुरक्षा में लापरवाही से गया परिवार

रायगढ़ के मंगल कार्बन प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार को उजाड़ दिया। नौ महीने की मासूम बच्ची, उसके पिता और ससुर सहित चार लोगों की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। मुआवजा बढ़ाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर घंटों यातायात बाधित रहा।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे के बाद अस्पताल के वार्ड में एक मां की चीखें गूंजती रहीं। उसने अपनी नौ महीने की दूधमुंही बेटी भूमि और पति शिव खड़िया को खो दिया। बुधवार दोपहर ससुर साहेबलाल खड़िया ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे वेंटिलेटर पर थे। एक अन्य घायल मजदूर की भी मौत हो चुकी है।

परिजनों का कहना है कि आर्थिक मजबूरी में पति-पत्नी प्लांट में मजदूरी करते थे और छोटी बच्ची को साथ ले जाते थे। हादसे वाले दिन भी बच्ची को पास में लिटाकर काम किया जा रहा था, तभी फर्नेस से तेज प्रेशर के साथ आग की लपटें बाहर निकलीं और आठ लोग झुलस गए।

NH-49 पर शव रखकर प्रदर्शन

लगातार मौतों के बाद गुस्साए परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रत्येक मृतक के परिजन को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग की।

कंपनी प्रबंधन ने फिलहाल 12-12 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।