ऑटो चालक की बेटी राष्ट्रपति के साथ करेंगी डिनर, दिल्ली से आया आमंत्रण, जानिए कौन है भिलाई की कविता?

ऑटो चालक की बेटी राष्ट्रपति के साथ करेंगी डिनर, दिल्ली से आया आमंत्रण, जानिए कौन है भिलाई की कविता?

भिलाई की बेटी कविता ने अपने नवाचार से नई पहचान बनाई है। उन्होंने ऐसे मॉडल तैयार किया है जिसकी गूंज राष्ट्रपति भवन तक सुनाई दी। यहीं वजह है कि अब दिल्ली से आमंत्रण आया है…

मैनहोल और सीवरेज लाइन की सफाई के दौरान अब लोगों को जान जोखिम में डालकर नीचे उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दुर्ग जिले की छात्रा कविता साहू ने ऐसा रोबोट विकसित किया है, जो मैनहोल और सीवरेज लाइन के भीतर जाकर सफाई करने में सक्षम है। इसी नवाचार के लिए कविता साहू को 26 जनवरी को द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रपति भवन में डिनर का आमंत्रण मिला है।

उनका प्रोजेक्ट स्कूल इनोवेशन मैराथन में देशभर के टॉप-10 इनोवेटिव आइडिया में शामिल हुआ है। कविता साहू शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, वैशाली नगर, 10वीं क्लास की छात्रा हैं। उनके द्वारा विकसित अंडरग्राउंड पाइप इंस्पेक्शन एंड क्लीनर रोबोट से इस खतरनाक काम में लगे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन को होने वाले जोखिम को कम किया जा सकेगा। वर्षों से शहरी व्यवस्था की इस बड़ी समस्या पर कविता और उनकी टीम ने तकनीकी समाधान प्रस्तुत किया है।

डेढ़ लाख आइडिया में टॉप-10 तक का सफर

स्कूल इनोवेशन मैराथन नीति आयोग के मार्गदर्शन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है। इसमें देशभर से लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थियों के आइडिया शामिल हुए। बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया में पहले टॉप-1000, फिर टॉप-100 और अंतत: देश के टॉप-10 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स चुने गए, जिनमें कविता साहू का प्रोजेक्ट भी शामिल रहा। टॉप-100 में चयन के बाद कविता और अन्य विद्यार्थियों को बेंगलूरु में डेल टेक्नोलॉजीज व लर्निंग लिंक फाउंडेशन के सहयोग से विशेष इंटर्नशिप दी गई।

अटल टिंकरिंग लैब में तैयार हुआ मॉडल

फाइनल राउंड में कविता साहू के साथ उनकी सहपाठी अंजलि चौहान ने भी इस प्रोजेक्ट पर काम किया। यह मॉडल विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब में विकसित किया गया, जहां अटल टिंकरिंग प्रभारी रीतू हांडा का मार्गदर्शन मिला। शिक्षकों के सहयोग और छात्राओं की मेहनत ने इस नवाचार को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

जिले और विद्यालय के लिए गर्व का क्षण

टॉप-10 में चयन के बाद राष्ट्रपति भवन से मिले आमंत्रण को लेकर पूरे विद्यालय और जिले में उत्साह है। विद्यालय की प्राचार्य संगीत सिंह बघेल ने इसे विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया, जबकि शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष आलोक जैन ने इसे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि कहा।

संघर्ष से सफलता तक

वैशाली नगर, भिलाई की छात्रा कविता साहू के पिता ऑटो चालक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दी। विज्ञान में विशेष रुचि रखने वाली कविता ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। कठिन परिस्थितियों के बीच पढ़ाई और नवाचार के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।