‘आजादी की धुन’ में गूंजा राष्ट्रप्रेम, 100 युवा कलाकारों ने रचा देशभक्ति का अनूठा संगीत उत्सव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण कराने वाला प्रेरक आयोजन; विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की भूमिका अहम

‘आजादी की धुन’ में गूंजा राष्ट्रप्रेम, 100 युवा कलाकारों ने रचा देशभक्ति का अनूठा संगीत उत्सव

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजधानी रायपुर में देशभक्ति के सुरों ने ऐसा वातावरण रचा कि पूरा सभागार राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर हो उठा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर एक साथ लाइव प्रस्तुति देकर स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन को स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करने का प्रेरक अवसर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इतिहास के गौरव को याद करने, वर्तमान के कर्तव्यों को समझने और भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा सामूहिक रूप से देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति एक अभिनव और सराहनीय पहल है।

संगीत ने जगाई राष्ट्रभक्ति की चेतना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संगीत में लोगों को जोड़ने और भावनाओं को जागृत करने की अद्भुत शक्ति होती है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों में स्वाधीनता की चेतना का संचार किया और क्रांतिकारियों के मनोबल को नई ऊर्जा दी। आज भी जब देशभक्ति की धुनें गूंजती हैं तो हर भारतीय के मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।

स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को याद करने का अवसर

मुख्यमंत्री साय ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर और डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि देश की आजादी असंख्य बलिदानों और संघर्षों की अमूल्य विरासत है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी निभाने का भी संकल्प है।

छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने अमर शहीद वीर नारायण सिंह और बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने अनेक ऐसे वीर सपूत दिए जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। उनका साहस और बलिदान आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ प्रदेश के हर गांव और हर परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

देशभक्ति गीतों से गूंजा सभागार

कार्यक्रम में प्रस्तुत ‘वंदे मातरम’, ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ सहित अनेक देशभक्ति रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। समारोह में कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति को लंबे समय तक तालियों की गूंज मिलती रही। मुख्यमंत्री ने कलाकारों और उपस्थित युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ देश निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।