धर्मांतरण के आरोप पर बजरंग दल का पलटवार – साजिश करार, CCTV जांच की मांग

नारायणपुर की तीन युवतियों के लगाए आरोपों को बजरंग दल ने बताया बेबुनियाद, कहा – "हम धर्म रक्षक हैं, न कि उपद्रवी"

दुर्ग रेलवे स्टेशन पर कथित धर्मांतरण और मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। नारायणपुर की तीन युवतियों द्वारा बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर लगाए गए मारपीट और छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों के बाद अब संगठन ने इन दावों को झूठा और पूर्वनियोजित साजिश बताया है। बजरंग दल ने CCTV फुटेज की सार्वजनिक जांच की मांग करते हुए कानूनी लड़ाई का ऐलान किया है।

दुर्ग। दुर्ग रेलवे स्टेशन में कथित धर्मांतरण और मानव तस्करी से जुड़ी एक घटना ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। नारायणपुर से आई तीन युवतियों ने आरोप लगाया है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ स्टेशन परिसर में मारपीट और छेड़छाड़ की।

हालांकि, इन आरोपों पर बजरंग दल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगठन की हिंदूवादी नेत्री ज्योति शर्मा ने कहा, "हमने धर्मांतरण रोकने का कार्य किया है। यदि कोई वीडियो या सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। बजरंग दल कभी भी ऐसी हरकतों में शामिल नहीं होता। ये आरोप निराधार हैं।"

बजरंग दल कार्यकर्ता रवि निगम ने भी पूरे घटनाक्रम को साजिश करार देते हुए कहा, "हम सुबह 10 बजे पहुंचे थे, जबकि घटना 8:30 की बताई जा रही है। CCTV कैमरों में सब रिकॉर्ड है। हम इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।" वहीं, प्रदेश संयोजक रतन यादव ने बयान दिया कि "यह मिशनरियों की चाल है। हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। हम धर्म रक्षक हैं, गुंडे नहीं।"

बजरंग दल ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज को सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। संगठन ने संकेत दिए हैं कि वे कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं।